किसी का जगह कोई ले नहीं सकते।
इस ज़माने में भी महान होना चाहिए, जैसे पुराने ज़माने में थे।
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इंसान मरने के बाद भगवान बन जाते।
जीवित दशा में कोई उसके प्रतिभा और योग्यता को पहचान नहीं पते।
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अच्छे घर की इंसान अब राजनीति नहीं करते।
जो हर क्षेत्र में बेकार है, वह सिर्फ नेता बनते।
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यह मत पूछो क्यों नहीं मिला।
सिर्फ यह देखो क्या मिला।
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जो ज्यादा पूछता है, वह मुर्ख नहीं, वह जानना चाहता है।
मुर्ख तो वह है, जो सब जानने का नाटक करता है।
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जो सब समझ के बैठा है, वह गिरने बाला है।
जो कभी संतुष्ट नहीं होता, वह विजय का माला पहनना है।
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औरत गुलाब जैसी।
सुगंधित पंखुड़ियां के अंदर छुपी हुई हत्यारा कांटे ऐसी।
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सुंदरता एक भयंकर रूप।
जो जीता, वह राजा; जो आत्मसमर्पण किया, वह बेवकूफ़।
Din guzar gye kayi saal beet gye
Par oh yaadan ove hi rahiya
Socha vich khubhiya te dil vich dafan..!!
ਦਿਨ ਗੁਜ਼ਰ ਗਏ ਕਈ ਸਾਲ ਬੀਤ ਗਏ
ਪਰ ਉਹ ਯਾਦਾਂ ਓਵੇਂ ਹੀ ਰਹੀਆਂ
ਸੋਚਾਂ ਵਿੱਚ ਖੁੱਭੀਆਂ ਤੇ ਦਿਲ ਵਿੱਚ ਦਫ਼ਨ..!!