ਉਹ ਆਉਂਦਾ ਏ ਮਿਲਦਾ ਏ ਤੇ ਵਿੱਛੜ ਜਾਂਦਾ ਏ
ਬਸ ਇਸੇ ਦਾ ਨਾਮ ਹੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਏ..!!
अपने चेहरे से जो ज़ाहिर है छुपायें कैसे अपने चेहरे से जो ज़ाहिर है छुपायें कैसे तेरी मर्जी के मुताबिक नज़र आयें कैसे घर सजाने का तसव्वुर तो बहुत बाद का है पहले ये तय हो की इस घर को बचाएं कैसे क़हक़हा आँख का बर्ताव बदल देता है हंसने वाले तुझे आंसू नज़र आयें कैसे कोई अपनी ही नज़र से तो हमें देखेगा एक कतरे को समंदर नज़र आयें कैसे लाख तलवरे झुकी अती हो गरदन की तरफ सर झुकाना नहीं आता तो झुकाएं कैसे
padhane vaale kee kamee hai,
varana…girate aansoo bhee ek kitaab hai…
पढ़ने वाले की कमी है,
वरना…गिरते आँसू भी एक किताब है…