Skip to content

Zindgi ka har pal || Hindi Love Shayari

तुम्हें देखते है तो तुम्हे पाने का मन करता है
दूर हो जाते है तो मर जाने का मन करता है
हम करते है प्यार तुम्हे ना जाने क्यों
ज़िन्दगी का हर पल
तुम्हारे नाम कर जाने का मन करता है
ਤੁਮਹੇਂ ਦੇਖਤੇ ਹੈ ਤੋਂ ਤੁਮਹੇਂ ਪਾਨੇ ਕਾ ਮਨ ਕਰਤਾ ਹੈ
ਦੂਰ ਹੋ ਜਾਤੇ ਹੈ ਤੋਂ ਮਰ ਜਾਣੇ ਕਾ ਮਨ ਕਰਤਾ ਹੈ
ਹਮ ਕਰਤੇ ਹੈ ਪਿਆਰ ਤੁਮਹੇਂ ਨਾ ਜਾਣੇ ਕਿਉ
ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਕਾ ਹਰ ਪਲ
ਤੁਮ੍ਹਾਰੇ ਨਾਮ ਕਰ ਜਾਣੇ ਕਾ ਮਨ ਕਰਤਾ ਹੈ

Tumhe dekhte hai to tumhe pane ka man karta hai
Door ho jate hai to mar jane ka man karta hai
Hum  karte hai pyar tumhe na jane kyu
Zindgi ka har pal
tumhare naam kar jane ka man karta hai

Title: Zindgi ka har pal || Hindi Love Shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Mehnat || hindi poetry || मेहनत करो आज तुम

मेहनत करो आज तुम 
कल मीठा फल मिलेगा
दुःख होंगे जरूर आज
पर कल खुशियाँ भी होंगी |
 
गरीब हो अगर आज तुम 
कल अमीर बन जाओगे
आज अगर मेहनत कर
समय के साथ कदम  बढ़ाओ|
 
प्यासे हो अगर तुम तो
न कोई तुम्हे पानी पिलाएगा 
भूखे हो अगर तुम तो
न कोई तुम्हे खाना खिलाएगा |
 
जो करना बस  तुम्हे
अपने दम्पर करना है 
आगे बढ़ना है तो 
कठिन परिश्रम करना है|
 
अपने लक्ष्य को पहचान कर
लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाओ 
मेहनत करते रहो दिन – रात
हिम्मत न कभी हारो |
 
अपनी मंजिल तक एक दिन तुम
अपनी मेहनत के दमपर पहुँचोगे
खुशियाँ ही खुशियाँ होंगी तब 
ओर तुम मेहनत का उदाहरण बन जाओगे|

Title: Mehnat || hindi poetry || मेहनत करो आज तुम


कर दी किसी ने तेरी भरपाई तो क्या होगा || Hindi poetry || sad mohobbat

चलेगी जब तेरी यादों की पुरवाई तो क्या होगा
पुरानी चोट कोई फिर उभर आई तो क्या होगा,
मुहब्बत ख़ुद ही बन बैठी तमाशाई तो क्या होगा
न हम होंगे, न तुम होंगे, न तनहाई तो क्या होगा,
मुहब्बत की झुलसती धूप और काँटों भरे रस्ते
तुम्हारी याद नंगे पाँव गर आई तो क्या होगा,
ऐ मेरे दिल तू उनके पास जाता है तो जा, लेकिन
तबीअत उनसे मिलकर और घबराई तो क्या होगा,
लबों पर हमने नक़ली मुस्कराहट ओढ़ तो ली है
किसी ने पढ़ ली चेह्रे से जो सच्चाई तो क्या होगा,
सुना तो दूँ मुहब्बत की कहानी मैं तुम्हें लेकिन
तुम्हारी आँख भी ऐ दोस्त भर आई तो क्या होगा,
ख़ुदा के वास्ते अब तो परखना छोड़ दे मुझको
अगर कर दी किसी ने तेरी भरपाई तो क्या होगा..

Title: कर दी किसी ने तेरी भरपाई तो क्या होगा || Hindi poetry || sad mohobbat