जिन्दगी कहा शुरु कहा खत्म हो जाती हे
जो रोज दिखती वो दिख्ना कम् हो जाती हैं
जिस मा बिना न होती थी बछ्पन की सुबह
उसे वृद्धाश्रम देख आखे नम हो जाति हे
Enjoy Every Movement of life!
जिन्दगी कहा शुरु कहा खत्म हो जाती हे
जो रोज दिखती वो दिख्ना कम् हो जाती हैं
जिस मा बिना न होती थी बछ्पन की सुबह
उसे वृद्धाश्रम देख आखे नम हो जाति हे
Likhan waaleyaa ho ke dyaal likh de
mere karmaa ch mere yaar da pyar likh de
ik likhi na mere yaar da vichodha
hor bhawe dukh hazaar likh de
ਲਿਖਣ ਵਾਲਿਆ🙏🏻 ਹੋ ਕੇ ਦਿਆਲ ਲਿਖ ਦੇ📝
ਮੇਰੇ ਕਰਮਾਂ👈🏻ਚ ਮੇਰੇ ਯਾਰ👩❤️👨ਦਾ ਪਿਆਰ💝 ਲਿਖ ਦੇ📝
ਇੱਕ ਲਿਖੀ ਨਾ👎🏻ਮੇਰੇ ਯਾਰ ਦਾ ਵਿਛੋੜਾ😭
ਹੋਰ ਭਾਵੇ ਦੁੱਖ😣ਹਜ਼ਾਰ ਲਿਖ ਦੇ📝👩❤️👨💝
Teri ek nigaah ne khreed liya hume,
Bda garoor tha hume khud par ki hum bikte nahi…!!