जिन्दगी कहा शुरु कहा खत्म हो जाती हे
जो रोज दिखती वो दिख्ना कम् हो जाती हैं
जिस मा बिना न होती थी बछ्पन की सुबह
उसे वृद्धाश्रम देख आखे नम हो जाति हे
Enjoy Every Movement of life!
जिन्दगी कहा शुरु कहा खत्म हो जाती हे
जो रोज दिखती वो दिख्ना कम् हो जाती हैं
जिस मा बिना न होती थी बछ्पन की सुबह
उसे वृद्धाश्रम देख आखे नम हो जाति हे
ਭਰੋਸਾ ਕਰਨਾ ਹੈਂ ਤਾਂ ਵਾਹਿਗੁਰੂ ਤੇ ਕਰੋ | ਮਾਸ਼ੂਕ ਤੇ ਤਾਂ ਮਿਰਜੇ ਨੇ ਵੀ ਕੀਤਾ ਸੀ।💯😊
Bhrosa karna hai ta waheguru te kro| masuk te ta mirze ne ve kita se|💯😊
