जिन्दगी कहा शुरु कहा खत्म हो जाती हे
जो रोज दिखती वो दिख्ना कम् हो जाती हैं
जिस मा बिना न होती थी बछ्पन की सुबह
उसे वृद्धाश्रम देख आखे नम हो जाति हे
जिन्दगी कहा शुरु कहा खत्म हो जाती हे
जो रोज दिखती वो दिख्ना कम् हो जाती हैं
जिस मा बिना न होती थी बछ्पन की सुबह
उसे वृद्धाश्रम देख आखे नम हो जाति हे
Khid jawe mera dil milan te
Ohde khayalan di ikk shooh nu..!!
Uston bina eh saah vi na kam de ne
Oh lazmi e meri rooh nu..!!
ਖਿੜ ਜਾਵੇ ਮੇਰਾ ਦਿਲ ਮਿਲਣ ‘ਤੇ
ਓਹਦੇ ਖਿਆਲਾਂ ਦੀ ਇੱਕ ਛੂਹ ਨੂੰ..!!
ਉਸਤੋਂ ਬਿਨਾਂ ਇਹ ਸਾਹ ਵੀ ਨਾ ਕੰਮ ਦੇ ਨੇ
ਉਹ ਲਾਜ਼ਮੀ ਏ ਮੇਰੀ ਰੂਹ ਨੂੰ..!!
Ik tarfi hi sahi mohobbat zari rahegi
Harenge nahi hum bazi hmari rahegi
Ladenge bidhenge girenge fir sikh bhi jayenge
Tujhse to haar kar bhi hum hi jeet jayenge ❤️
इक तर्फी ही सही मोहोब्बत जारी रहेगी
हारेगें नही हम बाजी हमारी रहेगी
लड़ेगे बिडेगे गिरेंगे फिर सीख भी जाएंगे
तुझसे तो हार कर भी हम ही जीत जाएंगे ❤️