जिन्दगी कहा शुरु कहा खत्म हो जाती हे
जो रोज दिखती वो दिख्ना कम् हो जाती हैं
जिस मा बिना न होती थी बछ्पन की सुबह
उसे वृद्धाश्रम देख आखे नम हो जाति हे
जिन्दगी कहा शुरु कहा खत्म हो जाती हे
जो रोज दिखती वो दिख्ना कम् हो जाती हैं
जिस मा बिना न होती थी बछ्पन की सुबह
उसे वृद्धाश्रम देख आखे नम हो जाति हे
Tu Rakh le sambh k pyar apne nu
asin tanhayiaan naal g launa sikh leya
ਤੂੰ ਰੱਖ ਲੈ ਸਾਂਭ ਕੇ ਪਿਆਰ ਆਪਣੇ ਨੂੰ
ਅਸੀਂ ਤਨਹਾਈਆਂ ਨਾਲ ਜੀ ਲਾਉਣਾ ਸਿਖ ਲਿਆ
Zindagi tere naam likhi hai dil ke safar mein,
Har lamha tu saath ho, toh kya baat hai guzar mein.Muskurahat teri roshni hai andheron ke sheher mein,
Tere bina lagta hai kuchh adhura har nazar mein.Khwaab teri baahon ke, sach ban jaaye har shaam,
Bas itna hai armaan… zindagi ho tere naam…..~vaishnavi!!