जिन्दगी कहा शुरु कहा खत्म हो जाती हे
जो रोज दिखती वो दिख्ना कम् हो जाती हैं
जिस मा बिना न होती थी बछ्पन की सुबह
उसे वृद्धाश्रम देख आखे नम हो जाति हे
Enjoy Every Movement of life!
जिन्दगी कहा शुरु कहा खत्म हो जाती हे
जो रोज दिखती वो दिख्ना कम् हो जाती हैं
जिस मा बिना न होती थी बछ्पन की सुबह
उसे वृद्धाश्रम देख आखे नम हो जाति हे
Es croran di duniyan cho ikk oh fabbeya e😇
Mein apna aap gawa ke jihnu labbeya e😍..!!
ਇਸ ਕਰੋੜਾਂ ਦੀ ਦੁਨੀਆਂ ‘ਚੋਂ ਇੱਕ ਉਹ ਫੱਬਿਆ ਏ😇
ਮੈਂ ਆਪਣਾ ਆਪ ਗਵਾ ਕੇ ਜਿਹਨੂੰ ਲੱਭਿਆ ਏ😍..!!
