जिन्दगी कहा शुरु कहा खत्म हो जाती हे
जो रोज दिखती वो दिख्ना कम् हो जाती हैं
जिस मा बिना न होती थी बछ्पन की सुबह
उसे वृद्धाश्रम देख आखे नम हो जाति हे
Enjoy Every Movement of life!
जिन्दगी कहा शुरु कहा खत्म हो जाती हे
जो रोज दिखती वो दिख्ना कम् हो जाती हैं
जिस मा बिना न होती थी बछ्पन की सुबह
उसे वृद्धाश्रम देख आखे नम हो जाति हे
आँखों पर तेरी निगाहों ने दस्तख़त क्या किए,
हमने साँसों की वसीयत तुम्हारे नाम कर दी!
कुछ बेगाने है, इसलिए चुप हैं,
कुछ चुप है, इसलिए बेगाने है.!
जिंदगी किसी के लिए नही बदलती,
बस जीने की वजह बदल जाती हैं.!
ज़िन्दगी की हर शाम हसीन हो जाए,
अगर मेरी मोहब्बत मुझे नसीब हो जाये!
Teri marzi
todhi chahe rakh lawi
ishkataa sajjna hathkadiya ne kach diyaa
ਤੇਰੀ ਮਰਜੀ,
ਤੋੜੀ ਚਾਹੇ ਰਖ ਲਵੀਂ,
ਇਸ਼ਕਤਾਂ ਸੱਜਣਾ ਹੱਥਕੜੀਆ ਨੇ ਕੱਚ ਦੀਆਂ❤️❤️