जिन्दगी कहा शुरु कहा खत्म हो जाती हे
जो रोज दिखती वो दिख्ना कम् हो जाती हैं
जिस मा बिना न होती थी बछ्पन की सुबह
उसे वृद्धाश्रम देख आखे नम हो जाति हे
Enjoy Every Movement of life!
जिन्दगी कहा शुरु कहा खत्म हो जाती हे
जो रोज दिखती वो दिख्ना कम् हो जाती हैं
जिस मा बिना न होती थी बछ्पन की सुबह
उसे वृद्धाश्रम देख आखे नम हो जाति हे
कभी मिलो तो बताऊ कैसे तड़पाती है~~ आपकी यादें….
दिल से धड़कन निकाल ले जाती है~~ आपकी यादें..।।
Kabhi milo to batau kaise tadapti hai .. Aapki yaade…
dil se dhadkan nikal le jaati hai … aapki yaade..||
Hairani kaahdi
ohne mashook hi taa badli e
duaawaa kabool na hown
taa lok rabb tak badal lainde ne
ਹੈਰਾਨੀ ਕਾਹਦੀ ?
ਉਹਨੇ ਮਸ਼ੂਕ ਹੀ ਤਾਂ ਬਦਲੀ ਏ,
ਦੁਆਵਾਂ ਕਬੂਲ ਨਾ ਹੋਵਣ,
ਤਾਂ ਲੋਕ ਰੱਬ ਤੱਕ ਬਦਲ ਲੈਂਦੇ ਨੇ