hadh nahi c
Ohde zulma di..
Te hadh sadi v nahi c
Ohde zulma nu sehan di..
hadh nahi c
Ohde zulma di..
Te hadh sadi v nahi c
Ohde zulma nu sehan di..
Mukki reejh tamanna koi rakhne di
Khuab udde asmani mere dhool ban ke..!!
Baki reha na kuj mere andar hun bas
Teri yaad seene khubh gayi e sool ban ke..!!
ਮੁੱਕੀ ਰੀਝ ਤਮੰਨਾ ਕੋਈ ਰੱਖਣੇ ਦੀ
ਖ਼ੁਆਬ ਉੱਡੇ ਅਸਮਾਨੀਂ ਮੇਰੇ ਧੂਲ ਬਣ ਕੇ..!!
ਬਾਕੀ ਰਿਹਾ ਨਾ ਕੁਝ ਮੇਰੇ ਅੰਦਰ ਹੁਣ ਬਸ
ਤੇਰੀ ਯਾਦ ਸੀਨੇ ਖੁੱਭ ਗਈ ਏ ਸੂਲ ਬਣ ਕੇ..!!
मुझे तालाश नहीं कोई मंजिल की
जब राहो में मेरे साथ हो तुम।
मुझे नहीं चाहिए दौलत सूरत
मेरी इक बस अरमान हो तुम।
बंजर पड़ी मेरी ज़िंदगी को
शोभन करे वो बरसात हो तुम।
मेरी कौफ सी काली रातो को
रोषण करे वो चांद हो तुम।
मेरा दिन बन जाता लबो पे आते
वो खुदा सुनहरा नाम हो तुम।
मेरी हर मुश्किल को चीर के आगे
वो धनुष से निकला बान हो तुम।
मेरी हर दर्द को दुर करे
मलहम सा लगा बाम हो तुम।
मुझे क्या जरूरत किसी ऑर सक्स की
जब हर लम्हों में साथ हो तुम।
मुझे तालाश नहीं कोई मंजिल की
जब रहो में मेरे साथ हो तुम।
जो तन को पल में सीतल कर दे
वो सुबह की पहली आजन हो तुम।
जो सह ले हर करवी बाते
वो मधुर मीठी मुस्कन हो तुम।
जो राहत से भितम गरमी से
वो पेरो की ठंडी छाओ हो तुम।
खोल दे आखे सही वक्त पे
वो शोर करती आलार्म हो तुम।
मुझे तालाश नहीं कोई मंजिल की
जब रहो में मेरे साथ हो तुम।।