आँखों में जलन और सीने में गुबार है
झूठ की धुन्ध में दिखना बंद हो गया है
आदत हो गई है घुट-घुट कर मरने की
हवाओं में इतना ज़हर जो घुल गया है
Enjoy Every Movement of life!
आँखों में जलन और सीने में गुबार है
झूठ की धुन्ध में दिखना बंद हो गया है
आदत हो गई है घुट-घुट कर मरने की
हवाओं में इतना ज़हर जो घुल गया है
Mohobbat hai ya nasha tha jo bhi tha kmaal tha
Rooh tak utarte utarte jism ko khokhla kar gya🍁
मोहब्बत है या नशा था जो भी था कमाल का था
रूह तक उतारते उतारते जिस्म को खोखला कर गया🍁
