आँखों में जलन और सीने में गुबार है
झूठ की धुन्ध में दिखना बंद हो गया है
आदत हो गई है घुट-घुट कर मरने की
हवाओं में इतना ज़हर जो घुल गया है
Enjoy Every Movement of life!
आँखों में जलन और सीने में गुबार है
झूठ की धुन्ध में दिखना बंद हो गया है
आदत हो गई है घुट-घुट कर मरने की
हवाओं में इतना ज़हर जो घुल गया है

Rahat de pal sakoon de baat,
Maa tere anchal toh bina nhi mili sanu koi zindgi de sogaat,