आँखों में जलन और सीने में गुबार है
झूठ की धुन्ध में दिखना बंद हो गया है
आदत हो गई है घुट-घुट कर मरने की
हवाओं में इतना ज़हर जो घुल गया है
आँखों में जलन और सीने में गुबार है
झूठ की धुन्ध में दिखना बंद हो गया है
आदत हो गई है घुट-घुट कर मरने की
हवाओं में इतना ज़हर जो घुल गया है
हर कदम पर धोखा खा कर मेरा दिल, अब कहीं जाकर ठेहरा है..
कुछ जख्म तो उसे याद ही नहीं, और कुछ जख्मों का असर बहुत गहरा है..
मेरी बातें मेरे दिल तक पहुँचती नहीं आज-कल..
ना जाने मेरे और मेरे दिल के बीच, किस-की और किन बातों का पहरा है..
Kinni nazdeek e tu mere kinj dassa mein tenu
Tu taa saahan ch ghuleya hoyia mehsus howe menu..!!
ਕਿੰਨੀ ਨਜ਼ਦੀਕ ਏ ਤੂੰ ਮੇਰੇ ਕਿੰਝ ਦੱਸਾਂ ਮੈਂ ਤੈਨੂੰ
ਤੂੰ ਤਾਂ ਸਾਹਾਂ ‘ਚ ਘੁਲਿਆ ਹੋਇਆ ਮਹਿਸੂਸ ਹੋਵੇ ਮੈਨੂੰ..!!