इश्क़ मुकम्मल नहीं हुआ तो क्या हुआ
अधूरी ख़्वाहिशें मेरे दिल में ज़िंदा तो हैं
क्या हुआ जो आधा अधूरा मैं रह गया
उससे मेरी शायरी और गज़लें पूरी तो हैं
Enjoy Every Movement of life!
इश्क़ मुकम्मल नहीं हुआ तो क्या हुआ
अधूरी ख़्वाहिशें मेरे दिल में ज़िंदा तो हैं
क्या हुआ जो आधा अधूरा मैं रह गया
उससे मेरी शायरी और गज़लें पूरी तो हैं
Umar zaya kardi auro ke vajood me kamiya nikalte nikalte itna khud ko trasha hota to khuda mil jata
उम्र जाया करदी औरों के वजूद में कमियां निकालते निकालते इतना खुद को तराशा होता तो खुदा मिल जाता

Jaach aa gai mainu gam khaan di
holi holi ro ke g parchaan di
changa hoyeaa tu pareyaa ho gya
muk gai chintaa tainu apnaan di