इश्क़ मुकम्मल नहीं हुआ तो क्या हुआ
अधूरी ख़्वाहिशें मेरे दिल में ज़िंदा तो हैं
क्या हुआ जो आधा अधूरा मैं रह गया
उससे मेरी शायरी और गज़लें पूरी तो हैं
Enjoy Every Movement of life!
इश्क़ मुकम्मल नहीं हुआ तो क्या हुआ
अधूरी ख़्वाहिशें मेरे दिल में ज़िंदा तो हैं
क्या हुआ जो आधा अधूरा मैं रह गया
उससे मेरी शायरी और गज़लें पूरी तो हैं
duaen jama karane mein lag jao sahab,
khabar pakki hai daulat aur shohrat saath nahin jaayenge.
दुआएँ जमा करने में लग जाओ साहब,
खबर पक्की है दौलत और शोहरत साथ नहीं जायेंगे।
Kash ek dua kabool ho,
Meri ibadat ke bagair.
Meri shaadi mere mehboob se hi ho,
Chahe ho gharwalo ko izazat ke bagair.