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इश्क़ मुकम्मल नहीं हुआ तो क्या हुआ || sad hindi shayari

इश्क़ मुकम्मल नहीं हुआ तो क्या हुआ 

अधूरी ख़्वाहिशें मेरे दिल में ज़िंदा तो हैं

क्या हुआ जो आधा अधूरा मैं रह गया 

उससे मेरी शायरी और गज़लें पूरी तो हैं 

Title: इश्क़ मुकम्मल नहीं हुआ तो क्या हुआ || sad hindi shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Jithe kadar howe jajbata di|dard shayari

kadr jajbata di|sad shayari 

Chl shdd mnaa..!!
Ki jana usde dra te..
Jisnu Saar hi nhi mere halata di..!!
“Roop” sjjda kriye taan usde dar te ja k kriye..
Jithe kadar howe jajbata di..!!
sad punjabi shayri || Chl shdd mnaa..!! Ki jana usde dra te.. Jisnu Saar hi nhi mere halata di..!! “Roop” sjjda kriye taan usde dar te ja k kriye.. Jithe kadar howe jajbata di..!!



Maata pita || hindi shayari on parents

माता पिता का इस जगत में है सबसे ऊँचा दर्जा।
इसके लालन पालन को संतान चूका ना सके कर्जा।।

कर्ज इनके प्रेम का जीवन को खूब सँवारे।
बस चले तो बच्चों के लिए आसमां से तोड़ ले तारे।

तारों सा चमकीला बने उनके बच्चों का जीवन।
मानों इसलिए ही धरती पर माता पिता का हुआ जनम।।

बच्चों के जन्म से ही करते उनके लिए जीवन भर संघर्ष।
अपने बच्चों की खुशियों को ही समझे जीवन का उत्कर्ष।।

उत्कर्ष होता उनका जो संतान बने अच्छी इंसान।
पग पग मार्गदर्शन ऐसा जो देना सके भगवान।

भगवान समान माता पिता फिर भी क्यों खोते मान।
बुढ़ापे में अपने ही पुत्रों से झेलते अपमान।।

अपमान करे संतान का तो फट पड़ता कलेजा।
क्या इस दिन के लिए ही संतान को प्रेम से सहेजा।।

सहेजा संवारा क्या इसलिए कि बुढ़ापे में ना दे साथ।
संतान पे लुटाके धन आज बुढ़ापे में फैलाये हाथ।।

हाथ क्यों ना आते आगे आज माता पिता के लिए।
क्या झूठे दिखावे और चमक दमक ने तुम्हारे हाथ सीले।।

छोड़ो इस माया को सच्चे रिश्तों की करो कदर।
दुनिया में तुम्हारे लिए जीये सदा तुम्हारे फादर मदर।।

Title: Maata pita || hindi shayari on parents