वो जानती थी फिर भी दीखाया उसने
हाथ उसका किसे और के हाथ में थमाया उसने
और हमने कहा था हमारे जितना नही कर पाओगी
हमसे ज्यादा किसे और से ईश्क करके दिखाया उसने
वो जानती थी फिर भी दीखाया उसने
हाथ उसका किसे और के हाथ में थमाया उसने
और हमने कहा था हमारे जितना नही कर पाओगी
हमसे ज्यादा किसे और से ईश्क करके दिखाया उसने
आज तिरंगा फहराया है अपनी पूरी शान से
हमें मिली आजादी वीर शहीदों के बलिदान से
आजादी के लिए हमारी लम्बी लड़ाई चली थी
लाखों लोगों ने प्राणों से कीमत बड़ी चुकाई थी
व्यापारी बनकर आये और छल से हम पर राज किया
हमको आपस में लडवाने की नीति अपनाई थी
हमने अपना गौरव पाया अपने स्वाभिमान से
हमे मिली आजादी वीर शहीदों के बलिदान से
गाँधी तिलक सुभाष जवाहर का यह प्यारा देश है
जियो और जीने दो सबको देता ये संदेश हैं
प्रहरी बनकर खड़ा हिमालय जिसके उत्तर द्वार पर
हिन्द महासागर दक्षिण में इसके लिए विशेष हैं
लगी गूंजने दसो दिशाएं वीरों के यशगान से
हमें मिली आजादी वीर शहीदों के बलिदान से
हमें अपनी मातृभूमि इतना मिला दुलार है
इसके आंचल की छैया से ये छोटा संसार है
हम न कभी हिंसा के आगे अपना शीश झुकाएगे
सच पूछो तो पूरा विश्व ही हमारा परिवार है
विश्व शांति की चली हवाएं अपने हिंदुस्तान से
हमें मिली आजादी वीर शहीदों के बलिदान से
हमें मिली आजादी वीर शहीदों के बलिदान से
दे सलामी इस तिरंगे को,
जिस से तेरी शान हैं,
सर हमेशा ऊँचा रखना इसका,
जब तक दिल में जान हैं।❣️