इस ग़म के सवेरे में अजीब सा साया है,
दरवाज़े पर मेरे इक फकीर आया है,
उसे भूख है, मुझे अंधेरों ने खाया है,
जो था सब उसे नज़र कैसे ना करता,
वो मेरे लिए मुट्ठी भर रौशनी लाया है…🍂
Enjoy Every Movement of life!
इस ग़म के सवेरे में अजीब सा साया है,
दरवाज़े पर मेरे इक फकीर आया है,
उसे भूख है, मुझे अंधेरों ने खाया है,
जो था सब उसे नज़र कैसे ना करता,
वो मेरे लिए मुट्ठी भर रौशनी लाया है…🍂
Kuch jakham kitaabon mein rakh diye
Kuch ko alfaazon mein smet diya
Kuch fool bankar mile hmein
Aur kuch ne hum hi ko smet diya 💔
कुछ जख्म किताबो में रख दिए
कुछ को अल्फाजो में समेट दिया
कुछ फूल बनकर मिले हमे
और कुछ ने हम ही को समेट दिया💔
“Success is to be measured not so much by the position that one has reached in life as by the obstacles which he has overcome while trying to succeed.”