इस ग़म के सवेरे में अजीब सा साया है,
दरवाज़े पर मेरे इक फकीर आया है,
उसे भूख है, मुझे अंधेरों ने खाया है,
जो था सब उसे नज़र कैसे ना करता,
वो मेरे लिए मुट्ठी भर रौशनी लाया है…🍂
इस ग़म के सवेरे में अजीब सा साया है,
दरवाज़े पर मेरे इक फकीर आया है,
उसे भूख है, मुझे अंधेरों ने खाया है,
जो था सब उसे नज़र कैसे ना करता,
वो मेरे लिए मुट्ठी भर रौशनी लाया है…🍂
Yaad usi ko karoge jo tumhe pyara tha,
Intezaar usi ka karoge jo tumhen gavara tha,
Tumhen chahne ki bhul to ab ho hi gayi,
Magar Hamari zindagi ko tumhara hi to sahara tha.🙌
याद उसी को करोगे जो तुम्हे प्यारा था
इंतेज़ार उसी का करोगे जो तुम्हे गवारा था
तुम्हे चाहने की भूल तो अब हो ही गई
मगर हमारी ज़िंदगी को तुम्हारा ही सहारा था🙌
Vo jo khanjar lekar hath mein,
Premika ki aur badhte hai
Esa khaufnaak gunah
Aashiq nahi karte hain 🙃💯
वो जो खंजर लेकर हाथ में,
प्रमिका की ओर बढ़ते हैं,
ऐसा खौफनाक गुनाह ,
आशिक नही करते हैं ।🙃💯