इस ग़म के सवेरे में अजीब सा साया है,
दरवाज़े पर मेरे इक फकीर आया है,
उसे भूख है, मुझे अंधेरों ने खाया है,
जो था सब उसे नज़र कैसे ना करता,
वो मेरे लिए मुट्ठी भर रौशनी लाया है…🍂
इस ग़म के सवेरे में अजीब सा साया है,
दरवाज़े पर मेरे इक फकीर आया है,
उसे भूख है, मुझे अंधेरों ने खाया है,
जो था सब उसे नज़र कैसे ना करता,
वो मेरे लिए मुट्ठी भर रौशनी लाया है…🍂
rukhasat hue teree galee se ham aaj kuchh is kadar,
logo ke muh pe raam naam tha,
aur mere dil mein bas tera naam tha…
रुखसत हुए तेरी गली से हम आज कुछ इस कदर,
लोगो के मुह पे राम नाम था,
और मेरे दिल में बस तेरा नाम था…
Jo dil te lag jawan gallan bas lag jandiya ne
Fir lakh maafiyan mang kade nahio bhulldiyan💯..!!
ਜੋ ਦਿਲ ‘ਤੇ ਜਾਵਣ ਲੱਗ ਗੱਲਾਂ ਬਸ ਲੱਗ ਜਾਂਦੀਆਂ ਨੇ
ਫਿਰ ਲੱਖ ਮਾਫੀਆਂ ਮੰਗ ਕਦੇ ਨਹੀਂਓ ਭੁੱਲਦੀਆਂ💯..!!