इस ग़म के सवेरे में अजीब सा साया है,
दरवाज़े पर मेरे इक फकीर आया है,
उसे भूख है, मुझे अंधेरों ने खाया है,
जो था सब उसे नज़र कैसे ना करता,
वो मेरे लिए मुट्ठी भर रौशनी लाया है…🍂
इस ग़म के सवेरे में अजीब सा साया है,
दरवाज़े पर मेरे इक फकीर आया है,
उसे भूख है, मुझे अंधेरों ने खाया है,
जो था सब उसे नज़र कैसे ना करता,
वो मेरे लिए मुट्ठी भर रौशनी लाया है…🍂
Mera dard meri nam ankhein sab fizool hai kya
Tu sahi hai to tu bhi meri trah pagl ban ja bol tujhe qabool hai kya…🍀
मेरा दर्द मेरी नम आंखें सब फिजूल है क्या
तू सही है तो तू भी मेरी तरह पागल बन जा बोल तुझे ये
कुबूल है क्या…🍀
je ful khilda vekhna howe, ohnu todhida ni hunda
jithe khush na hoiye ik-dooje naal reh ke, othe rishta jodhida ni hunda
ਜੇ ਫੁੱਲ ਖਿਲਦਾ ਵੇਖਣਾ ਹੋਵੈ,ਉਹਨੂੰ ਤੋੜੀਦਾ ਨੀ ਹੁੰਦਾ..
ਜਿੱਥੇ ਖੁਸ਼ ਨਾ ਹੋਈਏ ਇਕ-ਦੂਜੇ ਨਾਲ ਰਹਿ ਕੇ,ਉੱਥੇ ਰਿਸ਼ਤਾ ਜੋੜੀਦਾ ਨੀ ਹੁੰਦਾ..