और फिर कब तक वहा रहता मैं
और कब तक कुछ ना कहता मै
फिर मैने वो बोल ही दिया
कब तक यू चुप चाप रहता मैं
और फिर मरना ही मुनासिब समझा हमने
आखिर के तक ये सब सहता मैं
Enjoy Every Movement of life!
और फिर कब तक वहा रहता मैं
और कब तक कुछ ना कहता मै
फिर मैने वो बोल ही दिया
कब तक यू चुप चाप रहता मैं
और फिर मरना ही मुनासिब समझा हमने
आखिर के तक ये सब सहता मैं
सफाई वहां देना चाहिए
जहां उसे सुनने और समझने वाला एक खुला दिमाग हो ,
अगर किसी ने आपको गलत मान लिया है तो
उस पर सफाई देने का मतलब खुद को खुद की नजरों में गिरना है
