और फिर कब तक वहा रहता मैं
और कब तक कुछ ना कहता मै
फिर मैने वो बोल ही दिया
कब तक यू चुप चाप रहता मैं
और फिर मरना ही मुनासिब समझा हमने
आखिर के तक ये सब सहता मैं
Enjoy Every Movement of life!
और फिर कब तक वहा रहता मैं
और कब तक कुछ ना कहता मै
फिर मैने वो बोल ही दिया
कब तक यू चुप चाप रहता मैं
और फिर मरना ही मुनासिब समझा हमने
आखिर के तक ये सब सहता मैं
Mohabbat ko juban se baya nahi kar paya kabhi unko
Wo gunge hote to isharo ko samjh jate🤐
मोहोब्बत को ज़ुबान से बयां नही कर पाया कभी उनको
वो गूंगे होते तो इशारों को समझ जाते 🤐
