जिंदगी एक सफर है, चलते रहो,…….
कुछ खावोगे कुछ पाओगे,
हर लम्हे मे कुछ नया सीख जाओगे,
संघर्षो से ही बढ़ी है दुनिया,
मेहनत से ही बहुत कुछ कर जाओगे
छोड़ के सारी महफ़िल तुम नित्य कर्म करते रहो…
जिंदगी एक सफर है, चलते रहो
चलते रहो…..
कुछ खावोगे कुछ पाओगे,
हर लम्हे मे कुछ नया सीख जाओगे,
संघर्षो से ही बढ़ी है दुनिया,
मेहनत से ही बहुत कुछ कर जाओगे
छोड़ के सारी महफ़िल तुम नित्य कर्म करते रहो…
जिंदगी एक सफर है, चलते रहो
चलते रहो…..
माना मुझे अब जरूरत नहीं तेरी , पर जिंदगी में एक मलाल तो है ।
कबूलनामा भी दे चुके महफिलों में पर , लोगों की निगाहों में कुछ सवाल तो है ।।
सपनों सा लगता एक ख्वाब तो है , मेरा हर अंदाज़ लाजवाब तो है ।
चाहता नहीं मेरी कलम से कोई बेइज्जत हो जाए , वरना मेरे पास भी कुछ लोगों का हिसाब तो है ।।
हाँ मोहब्बत भूल थी मेरी , आज बेबाकी से एक गुनाह कुबूल करता हूँ ।
कुछ काले किस्से हैं बीते हुए लम्हें , अब हर किस्से को मशहूर करता हूँ ।।
जिद्दी है मेरा दिल बड़ा , इसे आज मैं ज़रा मजबूर करता हूँ ।
बहुत हो चुकी मोहब्बत में नाफरमानी , सिर आँखों पर अपना गुरूर करता हूँ ।।
Chal rha to chal………na piche dekh ruk matt…
na khud ko rok…. bs age bdne ki soch…
pathar atte hai zindagi mai….taraash unko or heera bnn
Chal rha to chal..na piche dekh…
safr bhut hai ..mazil ab ..door..
na piche dekh …chal rha h to chal.. na piche dekh…