Kisi ki nazro me doobne jaata hu
to samander darwaze tak aa jate hai
किसी की नजरों में डूबने जाता हूं,
तो समंदर दरवाज़े तक आ जाता है...
Kisi ki nazro me doobne jaata hu
to samander darwaze tak aa jate hai
किसी की नजरों में डूबने जाता हूं,
तो समंदर दरवाज़े तक आ जाता है...
अकबर बादशाह को मजाक करने की आदत थी। एक दिन उन्होंने नगर के सेठों से कहा-
“आज से तुम लोगों को पहरेदारी करनी पड़ेगी।”
सुनकर सेठ घबरा गए और बीरबल के पास पहुँचकर अपनी फरियाद रखी।
बीरबल ने उन्हें हिम्मत बँधायी,
“तुम सब अपनी पगड़ियों को पैर में और पायजामों को सिर पर लपेटकर रात्रि के समय में नगर में चिल्ला-चिल्लाकर कहते फिरो, अब तो आन पड़ी है।”
उधर बादशाह भी भेष बदलकर नगर में गश्त लगाने निकले। सेठों का यह निराला स्वांग देखकर बादशाह पहले तो हँसे, फिर बोले-“यह सब क्या है ?”
सेठों के मुखिया ने कहा-
“जहाँपनाह, हम सेठ जन्म से गुड़ और तेल बेचने का काम सीखकर आए हैं, भला पहरेदीर क्या कर पाएँगे, अगर इतना ही जानते होते तो लोग हमें बनिया कहकर क्यों पुकारते?”
बादशाह अकबर बीरबल की चाल समझ गए और अपना हुक्म वापस ले लिया।
Badlna to savbhav sabka hai
Koi badlne ke liye badlata hai to koi badalne par badlata hai💯
बदलना तो स्वभाव सबका है
कोई बदलने के लिए बदलता है तो कोई बदलने पर बदलता है💯