duaen jama karane mein lag jao sahab,
khabar pakki hai daulat aur shohrat saath nahin jaayenge.
दुआएँ जमा करने में लग जाओ साहब,
खबर पक्की है दौलत और शोहरत साथ नहीं जायेंगे।
duaen jama karane mein lag jao sahab,
khabar pakki hai daulat aur shohrat saath nahin jaayenge.
दुआएँ जमा करने में लग जाओ साहब,
खबर पक्की है दौलत और शोहरत साथ नहीं जायेंगे।
बादशाह अकबर की यह आदत थी कि वह अपने दरबारियों से तरह-तरह के प्रश्न किया करते थे। एक दिन बादशाह ने दरबारियों से प्रश्न किया, “अगर सबकी दाढी में आग लग जाए, जिसमें मैं भी शामिल हूं तो पहले आप किसकी दाढी की आग बुझायेंगे?”
“हुजूर की दाढी की” सभी सभासद एक साथ बोल पड़े।
मगर बीरबल ने कहा – “हुजूर, सबसे पहले मैं अपनी दाढी की आग बुझाऊंगा, फिर किसी और की दाढी की ओर देखूंगा।”
बीरबल के उत्तर से बादशाह बहुत खुश हुए और बोले- “मुझे खुश करने के उद्देश्य से आप सब लोग झूठ बोल रहे थे। सच बात तो यह है कि हर आदमी पहले अपने बारे में सोचता है।”
Nazron mein kaid hai mere kuch haseen sapne
Mein ankhein band kar lu to duniya mujhe tanha karaar deti hai
Agar hawayon ko choo lun ti mere par kaat deti hai
Sapne dekhna to aadat hai meri
Bas yahi ek khushi hai jo mera gam bant deti hai…
नजरों में कैद हैं मेरे कुछ हसीन सपने…
मै आँखे बंद कर लूं तो दुनिया मुझे तनहा करार देती है,
अगर हवाओं को छू लूं तो मेरे पर काट देती है,
सपने देखना तो आदत है मेरी,
बस यही एक खुशी है जो मेरा गम बांट देती है…