खवाबों का एक दरिया लिए फिर रहा हु
पूरे होंगे एक दिन सब , इसी का इंतज़ार कर रहा हु ,
दिल उदास, चहरे पर हसी बरकरार है
जी हाँ , मैं अंदर ही अंदर मर रहा हूँ ।
देख दुनियाँ की तमाम शजीशे
यकीनन जो कर रहा हु ,सही कर रहा हूँ ।💯
Enjoy Every Movement of life!
खवाबों का एक दरिया लिए फिर रहा हु
पूरे होंगे एक दिन सब , इसी का इंतज़ार कर रहा हु ,
दिल उदास, चहरे पर हसी बरकरार है
जी हाँ , मैं अंदर ही अंदर मर रहा हूँ ।
देख दुनियाँ की तमाम शजीशे
यकीनन जो कर रहा हु ,सही कर रहा हूँ ।💯

रख हौसला वो मंजर भी आएगा
प्यासे के पास चलकर समंदर भी आएगा
थक कर ना बैठ ए मंजिल के मुसाफिर
मंजिल भी मिलेगी मिलने का मजा भी आएगा