खुद की जवां तस्वीर बूढ़ी पलकों ने देखी है,
बीती वो जिंदगी अब सूनी सड़कों में देखी है,
हालात वही है बस थोड़ा वक्त का तकाज़ा है,
गुज़रा था जो पल आज फिर थोड़ा ताज़ा है,🍂
खुद की जवां तस्वीर बूढ़ी पलकों ने देखी है,
बीती वो जिंदगी अब सूनी सड़कों में देखी है,
हालात वही है बस थोड़ा वक्त का तकाज़ा है,
गुज़रा था जो पल आज फिर थोड़ा ताज़ा है,🍂
मरहम घाव ढूंढ रहे हैं, पत्ते छांव ढूंढ रहे हैं,
मंजिलें थोड़ी दूर हैं, रास्ते पांव ढूंढ रहे हैं...
गुमराह करने वालों की भीड़ बहुत बड़ी है
वहां मत जाना वो चलने को बस दाव ढूंढ रहे हैं...
बेच देंगे वो सरकारें भी इक दिन
मिलने का सही भाव ढूंढ रहे हैं...
बेगुनाहों को बेजान करना आदत है इनकी
बस, मूंछों को देने के लिए झूठा ताव ढूंढ रहे
हैं...
Kya tum kahani mein naya mor la sakty ho
Kya tum mujhe bina dekhey chaah sakty ho🙃
क्या तुम कहानी में नया मोड़ ले सकते हो
क्या तुम मुझे बिना देखे चाह सकते हो🙃