तेरे घर का पता मालूम है
पर हम वहा कभी नही जाते है
तेरी याद जब भी बोहोत ज्यादा आए
तेरे गांव से तेरी खुशबू ले आते है
तेरे घर का पता मालूम है
पर हम वहा कभी नही जाते है
तेरी याद जब भी बोहोत ज्यादा आए
तेरे गांव से तेरी खुशबू ले आते है
यादों का इक महल रोज बनता
और ढह जाता है……….
उठता है तूफान सीने में जब
जहन में सवाल इक आता है
जब जाना ही है दूर तो
क्यों करीब कोई आता है
यादों का इक महल रोज बनता
और ढह जाता है……….
जिसे देखना भी नही मुनासिब
आंखे बंद कर करीब उसी को पता है
ढूंढ ले खामियां उसकी हजार पर
दिल तो आज भी बेहतर उसी को बताता है
यादों का इक महल रोज बनता
और ढह जाता है……….
सपने देखता है नई दुनिया बसाने के तू
नींद तेरी आज भी वही चुराता है
बेख्याल होने का करले तमसील भले
मिलने का ख्याल तो आज भी सताता है
यादों का इक महल रोज बनता
और ढह जाता है……….
Chaa de akhri ghutt🙈 vargiya ne yaada usdiyan,
😻na taan khatam karna changa🙃lagda te na hi chaddna..
ਚਾਹ ਦੇ ਆਖਰੀ ਘੁੱਟ🙈 ਵਰਗੀਆਂ ਨੇ ਯਾਦਾਂ ਉੁਸਦੀਆਂ,
😻ਨਾ ਤਾਂ ਖਤਮ ਕਰਨਾ ਚੰਗਾ 🙃ਲੱਗਦਾ ਤੇ ਨਾ ਹੀ ਛੱਡਣਾ..