Skip to content

तुम कल आओगे || hindi shayari || intezaar shayari

बिछड़ के मुझसे,
इन गलियों में कितनी दूर जाओगे...
परवानों की बस्ती है,
जहां जाओगे मुझे हर जगह पाओगे...
गुज़रा पल,
मीठी बातें और वो हसीन शामें सब बुलाते हैं तुम्हे...
इक झूठ ही सही बस कहदो के तुम कल आओगे,
इंतज़ार करना पसंद नहीं पर,
मेरी नज़रें राहों पर टिकी हैं...
पता है मुझे रास्ता बदल गया तुम्हारा लेकिन,
दिलासा दिए बैठा हूं के तुम कल आओगे...
 

Title: तुम कल आओगे || hindi shayari || intezaar shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Jungle human poetry || वन्य जीव और संरक्षण

वन्य जीवों का पता लगाओ ,
सब मिलकर राष्ट्रीय “पशु ” बाघ बचाओ ।
जंगलो को कटने से बचायें ,
जंगल जा -जाकर बाघों का पता लगायें ।
अब पूरे भारत में चौदह सौ ग्यारह बाघ बचे हैं ,
उनमें से आधे तो अभी बच्चे हैं ।
उन्हें बचाने के खातिर जंगल न काटें ,
जगह -जगह पेड़ लगाने के लिए लोगों को बाटें ।
राष्ट्रीय पशु “बाघ” हम सब को बचना है ,
जंगलों को हरा-भरा और बनाना है ।                        रहता वन में और हमारे,
संग-साथ भी रहता है ।
यह गजराज तस्करों के,
ज़ालिम-ज़ुल्मों को सहता है ।।

समझदार है, सीधा भी है,
काम हमारे आता है ।
सरकस के कोड़े खाकर,
नूतन करतब दिखलाता है ।।

मूक प्राणियों पर हमको तो,
तरस बहुत ही आता है ।
इनकी देख दुर्दशा अपना,
सीना फटता जाता है ।।

वन्य जीव जितने भी हैं,
सबका अस्तित्व बचाना है,
जंगल के जीवों के ऊपर,
दया हमें दिखलाना है ।

वृक्ष अमूल्य धरोहर हैं,
इनकी रक्षा करना होगा ।
जीवन जीने की खातिर,
वन को जीवित रखना होगा ।।

तनिक-क्षणिक लालच को,
अपने मन से दूर भगाना है ।
धरती का सौन्दर्य धरा पर,
हमको वापिस लाना है ।।

Title: Jungle human poetry || वन्य जीव और संरक्षण


Wo aati hi hogi || hindi shayari

Tum jaa rahi ho to wo aati hi hogi,
Lekin Jitni bhi buri hogi tumse to kam hi hogi,
Aur tumne beech samandar main doobne ko chodd diya,
Aur wo to meri khatir sahil lekar zamana talaashti hi hogi.

Title: Wo aati hi hogi || hindi shayari