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तुम कल आओगे || hindi shayari || intezaar shayari

बिछड़ के मुझसे,
इन गलियों में कितनी दूर जाओगे...
परवानों की बस्ती है,
जहां जाओगे मुझे हर जगह पाओगे...
गुज़रा पल,
मीठी बातें और वो हसीन शामें सब बुलाते हैं तुम्हे...
इक झूठ ही सही बस कहदो के तुम कल आओगे,
इंतज़ार करना पसंद नहीं पर,
मेरी नज़रें राहों पर टिकी हैं...
पता है मुझे रास्ता बदल गया तुम्हारा लेकिन,
दिलासा दिए बैठा हूं के तुम कल आओगे...
 

Title: तुम कल आओगे || hindi shayari || intezaar shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


MERA ROG

Asin aape hi peedan layiaan ne saadi jaan gamaan vich pe gai ni tu mera rog ban k reh gai ni

Asin aape hi peedan layiaan ne
saadi jaan gamaan vich pe gai ni
tu mera rog ban k reh gai ni



Hindi Ghazal || Hindi shayari || love

ख़िज़ाँ का दौर हो या हो बहार का मौसम
मेरे लिए नहीं कोई क़रार का मौसम 
किसे ख़बर थी बिछड़कर न मिल सकेंगे कभी
न ख़त्म होगा तेरे इन्तिज़ार का मौसम
ग़रज़ का दौर है सबको हैं अपनी अपनी धुन
किसी को रास न आया पुकार का मौसम
ढला है हुस्न तो मशहूर बेवफ़ाई हुई
गुज़र गया है तेरे इन्तिज़ार का मौसम
उड़ाए फिरती है आवारगी की आंधी हमें
हमें नसीब कहाँ ज़ुल्फ़-ए- यार का मौसम
बुझे हैं रेख़्ता हम तो बुझे नज़ारे हैं
उदास उदास लगा हुस्न -ए- यार का मौसम

Title: Hindi Ghazal || Hindi shayari || love