मै ता उम्र इस गम के साथ रह गया
तुझे दिल की बात नही बताई
मै दोस्ती बचाने में रह गया
और तू आंखे नही पढ़ पाई
Enjoy Every Movement of life!
मै ता उम्र इस गम के साथ रह गया
तुझे दिल की बात नही बताई
मै दोस्ती बचाने में रह गया
और तू आंखे नही पढ़ पाई
खवाबों का एक दरिया लिए फिर रहा हु
पूरे होंगे एक दिन सब , इसी का इंतज़ार कर रहा हु ,
दिल उदास, चहरे पर हसी बरकरार है
जी हाँ , मैं अंदर ही अंदर मर रहा हूँ ।
देख दुनियाँ की तमाम शजीशे
यकीनन जो कर रहा हु ,सही कर रहा हूँ ।💯
