मै ता उम्र इस गम के साथ रह गया
तुझे दिल की बात नही बताई
मै दोस्ती बचाने में रह गया
और तू आंखे नही पढ़ पाई
Enjoy Every Movement of life!
मै ता उम्र इस गम के साथ रह गया
तुझे दिल की बात नही बताई
मै दोस्ती बचाने में रह गया
और तू आंखे नही पढ़ पाई
कभी कभी सोचता हूँ क्या होती होगी एक शायर की मोहब्बत,
दिल जुड़ने पर प्यार भरे शेर,
दिल टूटे पर दुख भरे शेर,
उसकी याद मैं लिखे गए शेर,
और उसकी वापसी आने की उम्मीद मैं लिखे गए शेर |
हम तो उस गलती का मातम मानते रहे जो कभी हम किया ही ना था,
पर आप बड़े सुकून से जिने लगे हो जैसे कुछ हुआ ही ना था…