हम दीवानों की बस्ती में, दीवाना एक और भी आया है..
घबराया हुआ है थोड़ा सा, नाम भी अपना बताया है..
चेहरे की शिकन उसकी साफ जाहिर करती है..
के टूट जाते हैं दिल, जिस नगरी में, उसने भी वहाँ हुनर अजमाया है..💯
हम दीवानों की बस्ती में, दीवाना एक और भी आया है..
घबराया हुआ है थोड़ा सा, नाम भी अपना बताया है..
चेहरे की शिकन उसकी साफ जाहिर करती है..
के टूट जाते हैं दिल, जिस नगरी में, उसने भी वहाँ हुनर अजमाया है..💯
Mujhe nhi aati udti patango si chalakiyan..
Gale mil kar gala kaatu…vo manjha nhi hu mein…!!💯🙌
मुझे नहीं आती है उड़ती पतंगों सी चालाकियाँ..
गले मिलकर गला काटूँ….वो मांझा नहीं हूँ मैं…!!💯🙌
