PANKAJ SHARMA

My Name is Pankaj Sharma, I am not a perfect writer but i write many shayries, poetries and stories, and i want a job of a writer for earn and for grow my skills. I want to use simple methods in writing so that everyone understand the language and feelings of every word. Word is not only a word, every word have a meaning. And whoever can understand the true meaning of that word, that one called the author. Writing words and recognizing their depth, that is the job of the writer.I hope that here I will be able to test my skills, and by testing my skills, I will be able to become a good writer, I will learn something. And at the same time, I will also be able to make some income, if this is the right platform for me, please give me work

Judaai ka zehar || sad hindi shayari || sad in love

Hisaab jo manga mohobbat ka, to unse diya na gya..
Pyar jo beshumar unke liye tha, vo unse liya na gya..
Humne to dil laga ke ki thi yaari, saboot to humse diya na gya..
Ab chupkar rote hain vo, judaai ka zehar bhi unse piya na gya..🙃

हिसाब जो मांगा मोहब्बत का, तो उनसे दिया ना गया..
प्यार जो बेशुमार उनके लिए था, वो उनसे लिया ना गया..
हमने तो दिल लगा के की थी यारी, सबूत तो हमसे दिया ना गया..
अब छुपकर रोते हैं वो, जुदाई का ज़हर भी उनसे पिया ना गया..🙃

Laut ke mein Na aayunga|| sad but true || Hindi shayari

बहुत बदल गया हूं मैं, अब और बदल नहीं पाउंगा..
काफी कर दी है देर तूने, अब तेरे साथ चल नहीं पाउंगा..
बहुत जला हूं प्यार में तेरे, बस अब और मैं जल नहीं पाऊंगा..
गर फिर से टूट गया जो दिल, तो अब संभल नहीं पाऊंगा..
पास रहकर तो अब मैं जी नहीं सकता, दूर चला मैं जाउंगा..
तू खुश रहना इन गलियों में अब, लौट के मैं ना आउंगा….

Aadat gam chupane ki || sad but true hindi shayari

Ek baat hai jo kabse humein, samajh nhi aa rhi..
Aadat gam chupane ki humse, badli nhi ja rhi..
Dekha hai logo ko bant te huye, gam dusro ke sath..
Kaash baant le mera bhi koi, ab aur chupane ki, jagah na rahi…💔

एक बात है जो कबसे हमें, समझ नहीं आ रही..
आदत गम छुपाने की हमसे, बदली नहीं जा रही..
देखा है लोगों को बांटते हुए, गम दूसरों के साथ..
काश बांट ले मेरा भी कोई, अब और छुपाने की, जगह ना रही…💔

Mere sang rehti hai || love Hindi shayari ❤️

है वो मेरी मोहब्बत की रूह, इसलिए पास मेरे वो रहती है..
मुझे पागल समझेगी ये दुनिया, तभी वो कुछ ना कहती है..
सुबह उठे साथ में वो मेरे, शाम आंखों के साथ वो ढलती है..
वो जी ना सकी जो साथ मेरे, तो मरके साथ में चलती है..
राहें तो बदल गयीं उसकी मगर, राहौं से मुडी वो रहती है..
मेरी रूह से जुडना है हक उसका, तभी साथ जुडी वो रहती है..
हर खुशी बांटती है मेरी, हर गम मेरे संग सहती है..
मुझे वो लगती है अपनी, और मुझे वो अपना कहती है….

Ek saya || Hindi shayari || beautiful lines

हर वक्त एक अंजान साया सा, मेरे पास घूमता रहता है..
मेरे दिल से जुडा है वो शायद, मेरी रूह चूमता रहता है..
बताता नहीं है मुझको कुछ, और ना मुझसे कुछ कहता है..
मेरी मर्जी हो या ना हो मगर, शागिर्द बना वो रहता है..
दिन और रात वो बस मेरे, आगोश में पलता रहता है..
मैं चाहुं या फिर ना चाहुं, मेरे साथ वो चलता रहता है..
हर खुशी बांटता है मेरी, हर गम मेरे संग सेहता है..
आखिर साया है ये किसका, ये सवाल जहन में रहता है..

Bewafa shayari|| sad Hindi shayari

Yaad tere kisi khayal ko karne se, dar lagta hai ab mujhe..
Ab nahi yaad karna mein chahta, bura to lagega ye tujhe..
Ye aag teri yaadon ki ab, jala rahi hai bas mujhe..
Bewafa hai tu mehfil mein keh doon, aag dil ki fir bhi na bujhe….💔

याद तेरे किसी ख्याल को करने से, डर लगता है अब मुझे..
अब नहीं याद करना मैं चाहता, बुरा तो लगेगा ये तुझे..
ये आग तेरी यादों की अब, जला रही है बस मुझे..
बेवफा है तू मैहफिल में कह दूं, आग दिल की फिर भी ना बुझे….💔

Ek taraf kua ek taraf khaayi || Hindi shayari

Meri mehfilo ki chahat, mujhe itna door le aayi hai..
Ke mehfilein talash karne mein, apno se dooriyan badh aayi hain..
Ab na apne hain na mehfilein, bas mein aur meri tanhaai hai..
Ab jate huye vapis dar lagta hai, ek taraf kua aur ek tarf khaayi hai…

मेरी मैहफिलों की चाहत, मुझे इतना दूर ले आई है..
कि मैहफिलें तलाश करने में, अपनों से दूरियां बढ़ आई हैं..
अब ना अपने हैं ना मैहफिलें, बस मैं और मेरी तनहाई है..
अब जाते हुए वापस डर लगता है, एक तरफ कुआं और एक तराफ खाई है….

Hum pathar Bankar baith gye || Hindi shayari || true lines

हालातों से टकराकर हमने, खुद को मजबूत बनाया है..
तभी तो हर दर्द से लड़ने का, हुनर ​​हम में आया है..
पहले डरा करते थे दर्द से हम, अब दर्द को हमने डराया है..
पहले रहता था, ताव में वो, अब जाकर घुटनों पे आया है..
अब नहीं सताता वो हमको, हमने खुदको इतना सताया है..
हम पत्थर बनकर बैठे गए, पत्थरों से कौन लड पाया है….

PANKAJ SHARMA

My Name is Pankaj Sharma, I am not a perfect writer but i write many shayries, poetries and stories, and i want a job of a writer for earn and for grow my skills. I want to use simple methods in writing so that everyone understand the language and feelings of every word. Word is not only a word, every word have a meaning. And whoever can understand the true meaning of that word, that one called the author. Writing words and recognizing their depth, that is the job of the writer.I hope that here I will be able to test my skills, and by testing my skills, I will be able to become a good writer, I will learn something. And at the same time, I will also be able to make some income, if this is the right platform for me, please give me work