जिंदगी हाथ पकड़ कर बैठी है
मोत खड़ी हैं झोली फैलाए
खुदा भी कहता होगा मार तोह दूं इसे में
पहले दुआ मॉ की इसकी रास्ते से तोह हट जाये
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
जिंदगी हाथ पकड़ कर बैठी है
मोत खड़ी हैं झोली फैलाए
खुदा भी कहता होगा मार तोह दूं इसे में
पहले दुआ मॉ की इसकी रास्ते से तोह हट जाये
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
Aapne zameer nu ucha kar mittra
Vekhi loka de mehal vi ohde agge chotte ho jange..
ਆਪਣੇ ਜ਼ਮੀਰ ਨੂੰ ਉੱਚਾ ਕਰ ਮਿੱਤਰਾਂ
ਵੇਖੀ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਮਹਿਲ ਵੀ ਓਹਦੇ ਅੱਗੇ ਛੋਟੇ ਹੋ ਜਾਣਗੇ |
Meri mehfilo ki chahat, mujhe itna door le aayi hai..
Ke mehfilein talash karne mein, apno se dooriyan badh aayi hain..
Ab na apne hain na mehfilein, bas mein aur meri tanhaai hai..
Ab jate huye vapis dar lagta hai, ek taraf kua aur ek tarf khaayi hai…
मेरी मैहफिलों की चाहत, मुझे इतना दूर ले आई है..
कि मैहफिलें तलाश करने में, अपनों से दूरियां बढ़ आई हैं..
अब ना अपने हैं ना मैहफिलें, बस मैं और मेरी तनहाई है..
अब जाते हुए वापस डर लगता है, एक तरफ कुआं और एक तराफ खाई है….