जिंदगी हाथ पकड़ कर बैठी है
मोत खड़ी हैं झोली फैलाए
खुदा भी कहता होगा मार तोह दूं इसे में
पहले दुआ मॉ की इसकी रास्ते से तोह हट जाये
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
Enjoy Every Movement of life!
जिंदगी हाथ पकड़ कर बैठी है
मोत खड़ी हैं झोली फैलाए
खुदा भी कहता होगा मार तोह दूं इसे में
पहले दुआ मॉ की इसकी रास्ते से तोह हट जाये
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷
खूबसूरत तो हर लम्हा है,
शायद देखने की नज़ाकत नहीं है...
अकेले चलने की हिम्मत तो है,
शायद साथ छोड़ने की आदत नहीं है...
शर्त है मै सिर्फ मयखाने तक जाऊंगा
आगे का रास्ता तुम तय कर लेना...
ताल्लुक़ मेरा पुराना है इन गलियों से,
शायद छूटा पैमाना पकड़ने की आदत नहीं है...
