तेरे मासूम चेहरे से हमने, काफ़ी धोखे खाए हैं..
धोखे खाकर भी तुझसे हम, इश्क फरमाने आए हैं..
तू बेवफा है फिर भी तेरे लिए, वफ़ा का तोहफा लाए हैं..
तेरी अकड़ कुबूलेगी नहीं, ये सोच के हम घबराऐ हैं..
फिर भी अपना नाजुक दिल, तोहफे में हम रख लाए हैं….
तेरे मासूम चेहरे से हमने, काफ़ी धोखे खाए हैं..
धोखे खाकर भी तुझसे हम, इश्क फरमाने आए हैं..
तू बेवफा है फिर भी तेरे लिए, वफ़ा का तोहफा लाए हैं..
तेरी अकड़ कुबूलेगी नहीं, ये सोच के हम घबराऐ हैं..
फिर भी अपना नाजुक दिल, तोहफे में हम रख लाए हैं….
What we really want to do is what we are really meant to do. When we do what we are meant to do, money comes to us, doors open for us, we feel useful, and the work we do feels like play to us.
–Julia Cameron
Intezaar ki aarzu abh kho gai hai
khamoshiyo ki aadat ho gai hai
na shikwa raha na shikayat kisi se
agar hai to ek mohobat
jo in tanhaaiyo se ho gai hai
इंतज़ार की आरज़ू अब खो गयी है,
खामोशियो की आदत हो गयी है,
न शिकवा रहा न शिकायत किसी से,
अगर है तो एक मोहब्बत,
जो इन तन्हाइयों से हो गई है। 💘