कितनी प्यारी बाते करती थी
जब वो हमारी बाते करती थी
वक्त लगा उसे खुलने में पर
फिर वो बाते सारी करती थी
और दिन बन जाता था हमारा
जब वो मीठी सी प्यारी करती थी
कितनी प्यारी बाते करती थी
जब वो हमारी बाते करती थी
वक्त लगा उसे खुलने में पर
फिर वो बाते सारी करती थी
और दिन बन जाता था हमारा
जब वो मीठी सी प्यारी करती थी
ये ज़िन्दगी….
ये ज़िन्दगी बहुत ही अज़ीब है यारो
कोई मौत से डरता है…तो कोई जीते जी मरता है
हर किसी को ज़िन्दगी से मोहोब्बत होती है
और जीवन खोने से हर किसी का दिल डरता है
किसी को हँसाती और किसी को रुलाती है ये ज़िन्दगी
और दिल रो रो कर यूँ ही आहें भरता है
किसी का शोंक बन जाती है…और कोई गले लगाना चाहता है इसे..
लेकिन “रूप” नफ़रत तो उसे हो जाती है इस ज़िन्दगी से
जो मोहोब्बत किसी से बेशूमार करता है….
Ye zindagi bhut hi azib hai yaaro
Koi maut se drta hai..to koi jite ji mrta hai
Har kisiko zindagi se mohobbat hoti hai
Or jivan khone se har kisi ka dil drta hai
Kisi ko hsaati or kisi ko rulati hai j zindagi
Or dil ro ro kr yun hi aanhein bharta hai
Kisi ka shonk bn jati hai…or koi gle lgana chahta hai ise…
Lekin “Rup” nfrt to use ho jati hai is zindagi se
Jo mohobbat kisi se beshumar krta hai…
kidar nu chale jawe, nahi pata lagda samundar de neer da
kehdhe modh te aa ke, badal jawe, kithe pata lagda e taqdeer da
ਕਿਧਰ ਨੂੰ ਚਲੇ ਜਾਵੇ,ਨਹੀ ਪਤਾ ਲੱਗਦਾ ਸਮੁੰਦਰ ਦੇ ਨੀਰ ਦਾ..
ਕਿਹੜੇ ਮੋੜ ਤੇ ਆ ਕੇ ਬਦਲ ਜਾਵੇ,ਕਿੱਥੇ ਪਤਾ ਲੱਗਦਾ ਏ ਤਕਦੀਰ ਦਾ..