कितनी प्यारी बाते करती थी
जब वो हमारी बाते करती थी
वक्त लगा उसे खुलने में पर
फिर वो बाते सारी करती थी
और दिन बन जाता था हमारा
जब वो मीठी सी प्यारी करती थी
Enjoy Every Movement of life!
कितनी प्यारी बाते करती थी
जब वो हमारी बाते करती थी
वक्त लगा उसे खुलने में पर
फिर वो बाते सारी करती थी
और दिन बन जाता था हमारा
जब वो मीठी सी प्यारी करती थी
वो शमा की महफ़िल ही क्या,
जिसमे दिल खाक ना हो,
मज़ा तो तब है चाहत का,
जब दिल तो जले, पर राख ना हो…♥️
Wo shama ki mahfil hi kya,
Jisme dil khak na ho,
Maja toh tab hain chahat ka,
Jab dil toh jale par rakh na ho..♥️
