कितनी प्यारी बाते करती थी
जब वो हमारी बाते करती थी
वक्त लगा उसे खुलने में पर
फिर वो बाते सारी करती थी
और दिन बन जाता था हमारा
जब वो मीठी सी प्यारी करती थी
कितनी प्यारी बाते करती थी
जब वो हमारी बाते करती थी
वक्त लगा उसे खुलने में पर
फिर वो बाते सारी करती थी
और दिन बन जाता था हमारा
जब वो मीठी सी प्यारी करती थी
हर वक्त एक अंजान साया सा, मेरे पास घूमता रहता है..
मेरे दिल से जुडा है वो शायद, मेरी रूह चूमता रहता है..
बताता नहीं है मुझको कुछ, और ना मुझसे कुछ कहता है..
मेरी मर्जी हो या ना हो मगर, शागिर्द बना वो रहता है..
दिन और रात वो बस मेरे, आगोश में पलता रहता है..
मैं चाहुं या फिर ना चाहुं, मेरे साथ वो चलता रहता है..
हर खुशी बांटता है मेरी, हर गम मेरे संग सेहता है..
आखिर साया है ये किसका, ये सवाल जहन में रहता है..
Naa hun mainu pyaar di lodh
naa hun mainu yaar di lodh
me hun bas kalla hi theek haa
mainu bas hun apne aap di lodh
ਨਾ ਹੁਣ ਮੈਨੂੰ ਪਿਆਰ ਦੀ ਲੋੜ
ਨਾਂ ਹੁਣ ਮੈਨੂੰ ਯਾਰ ਦੀ ਲੋੜ
ਮੈਂ ਹੁਣ ਬੱਸ ਕਲਾਂ ਹੀ ਠੀਕ ਹਾਂ
ਮੈਨੂੰ ਬਸ ਹੁਣ ਆਪਣੇ ਆਪ ਦੀ ਲੋੜ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷