भले ही अपने जीगरी दोस्त कम हैं…
पर जीतने भी है परमाणु बम हैं..
Enjoy Every Movement of life!
भले ही अपने जीगरी दोस्त कम हैं…
पर जीतने भी है परमाणु बम हैं..
दवा असर न करे तो नजर उतारती है
दुनिया के उसूलों से कब वो हारती है
क्या लिखूं “”मां”” के लिए उसने खुद मुझे लिखा है
खुदा को देखने की कब चाह है उसका स्वरूप हमेशा मेरी मां में दिखा है💞

