उसने जैसे जैसे कहा, हम करते चले गए,
उसने जहां जहां कहा, हम चलते चले गए,
हमने तो अपनी सांसों की डोर भी उसके हाथों में दे रखी थी,
उसने जैसे जैसे छोड़ा, हम मरते चले गए.
उसने जैसे जैसे कहा, हम करते चले गए,
उसने जहां जहां कहा, हम चलते चले गए,
हमने तो अपनी सांसों की डोर भी उसके हाथों में दे रखी थी,
उसने जैसे जैसे छोड़ा, हम मरते चले गए.
Me us cheez nu chaah ke aapna vazood hi khatam kar liyaa
Jihnu paun di meri aukaat hi nahi si
ਮੈਂ ਉਸ ਚੀਜ਼ ਨੂੰ ਚਾਹ ਕੇ ਆਪਣਾ ਵਜੂਦ ਹੀ ਖ਼ਤਮ ਕਰ ਲਿਆ
ਜਿਹਨੂੰ ਪਾਉਣ ਦੀ ਮੇਰੀ ਔਕਾਤ ਹੀ ਨਹੀਂ ਸੀ
मरहम घाव ढूंढ रहे हैं, पत्ते छांव ढूंढ रहे हैं,
मंजिलें थोड़ी दूर हैं, रास्ते पांव ढूंढ रहे हैं...
गुमराह करने वालों की भीड़ बहुत बड़ी है
वहां मत जाना वो चलने को बस दाव ढूंढ रहे हैं...
बेच देंगे वो सरकारें भी इक दिन
मिलने का सही भाव ढूंढ रहे हैं...
बेगुनाहों को बेजान करना आदत है इनकी
बस, मूंछों को देने के लिए झूठा ताव ढूंढ रहे
हैं...