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मां || maa || hindi shayari

चलो किसी पुराने दौर की बात करते हैं,
कुछ अपनी सी और कुछ अपनों कि बात करते हैं…
बात उस वक्त की है जब मेरी मां मुझे दुलारा करती थी,
नज़रों से दुनिया की बचा कर मुझे संवारा करती थी,
गलती पर मेरी अकेले डांट कर पापा से छुपाया करती थी,
और पापा के मुझे डांटने पर पापा से बचाया करती थी…
मुझे कुछ होता तो वो भी कहाँ सोया करती थी,
देखा है मैंने,
वो रात भर बैठकर मेरे बाल संवारा करती थी,
घर से दूर आकर वो वक्त याद आता है,
दिन भर की थकान के बाद अब रात के खाने में, कहां मां के हाथ का स्वाद आता है,
मखमल की चादर भी अब नहीं रास आती है,
माँ की गोद में जब सिर हो उससे अच्छी नींद और कहाँ आती है…

Title: मां || maa || hindi shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


khuwaab saare || punjabi sad shayari

kujh edaa nibhaye ohne waade saare
jhoothe si pyaar de iraade saare
mainu ohdi har gal te vishvaas si
ohne jhoothe sabit kite mere har ik khwaab saare

ਕੁਝ ਇਦਾਂ ਨਿਭਾਏ ਓਹਨੇ ਵਾਦੇ ਸਾਰੇ
ਝੁਠੇ ਸੀ ਪਿਆਰ ਦੇ ਇਰਾਦੇ ਸਾਰੇ
ਮੈਨੂੰ ਓਹਦੀ ਹਰ ਗੱਲ ਤੇ ਵਿਸ਼ਵਾਸ ਸੀ
ਓਹਨੇ ਝੁਠੇ ਸਾਬੀਤ ਕਿਤੇ ਮੇਰੇ ਹਰ ਇੱਕ ਖ਼ੁਆਬ ਸਾਰੇ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷

Title: khuwaab saare || punjabi sad shayari


नाराजगी || narazgi || sad but true || hindi shayari

नाराजगी उस सादगी पे जचती थी बड़ी
गुस्से में भी प्यारी लगती थी बड़ी🥰
कुछ हादसे ने छीनी है मुस्कुराहट उसकी 
वरना हर बात पे वो हस्ती थी बड़ी🥀

Title: नाराजगी || narazgi || sad but true || hindi shayari