Skip to content

मां || maa || hindi shayari

चलो किसी पुराने दौर की बात करते हैं,
कुछ अपनी सी और कुछ अपनों कि बात करते हैं…
बात उस वक्त की है जब मेरी मां मुझे दुलारा करती थी,
नज़रों से दुनिया की बचा कर मुझे संवारा करती थी,
गलती पर मेरी अकेले डांट कर पापा से छुपाया करती थी,
और पापा के मुझे डांटने पर पापा से बचाया करती थी…
मुझे कुछ होता तो वो भी कहाँ सोया करती थी,
देखा है मैंने,
वो रात भर बैठकर मेरे बाल संवारा करती थी,
घर से दूर आकर वो वक्त याद आता है,
दिन भर की थकान के बाद अब रात के खाने में, कहां मां के हाथ का स्वाद आता है,
मखमल की चादर भी अब नहीं रास आती है,
माँ की गोद में जब सिर हो उससे अच्छी नींद और कहाँ आती है…

Title: मां || maa || hindi shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


PUNJABI SHAYARI | OHNU DEKHE BINA KINE HI

Ohnu dekhe bina bhawe kinne hi din langh gaye hon
par akhan vich vasi tasveer ajhe v
taazi di taazi pai

ਉਹਨੂੰ ਦੇਖੇ ਬਿਨਾ ਕਿੰਨੇ ਹੀ ਦਿਨ ਲੰਘ ਗਏ ਹੋਣ
ਪਰ ਅੱਖਾਂ ਵਿੱਚ ਵਸੀ ਤਸਵੀਰ ਅਜੇ ਵੀ
ਤਾਜੀ ਦੀ ਤਾਜ਼ੀ ਪਈ ਏ

Title: PUNJABI SHAYARI | OHNU DEKHE BINA KINE HI


Kabhi teji rakhu || hindi shayari

कभी तेजी रखू, सफर में कभी मैं, ढलने लगता हूं..
कभी ठहर जाऊ, एक जगह कभी बस, चलने लगता हूं..
मंजिल का अता और पता नहीं, फासला सफर का जरा बढ़ गया..
सोच कर कमाई बस, सफर की हथेलियों को, मालने लगता हूं..

Title: Kabhi teji rakhu || hindi shayari