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“माता पिता का कभी साथ न छोड़ना” || mother father || handing poetry

माता पिता का कभी साथ न छोड़ना,
दिल उनका भूलकर भी न तोडना,
बहुत कुछ सहकरके तुम्हे बड़ा किये है!!
तुम्हे अपने पैरो पर खड़ा किये है,
तुम्हारे खुशियों के अलावा कुछ न चाह रखते है,
तुम्हारे मुस्कराहट के सिवा कुछ न मांग करते है!!
माता पिता का कभी साथ न छोड़ना,
दिल उनका भूलकर भी न तोडना,
खुद से पहले तुम्हे खिलाते थे!!
जब तुम रोते थे तो खुद बच्चे बन जाते थे,
खुद जागकर तुम्हे सुलाते थे,
घुटनों में बैठ के तुम्हे चलना सिखाते थे!!
माता पिता का कभी साथ न छोड़ना,
दिल उनका भूलकर भी न तोडना,
शिक्षक बन तुम्हे पढाया!!
दर्द सहते हुए भी तुम्हे हसाया,
तुम इस ओहदे पर पहुचे हो,
तुम्हे इस काबिल बनाया!!
माता पिता का कभी साथ न छोड़ना,
दिल उनका भूलकर भी न तोडना!!

Title: “माता पिता का कभी साथ न छोड़ना” || mother father || handing poetry

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Tu hi tu ❤️ || Punjabi shayari status || lyrical video

Eh dil v kinna bewafa e
Rehnda mere kol pr gall teri sune
Eh nazar vi tere raah takkdi e
Dekhe tenu te khwab vi tere bune
Eh saahan di ta jiwe e bani mala
Aunde jande naam eh lawe tera
Jo dhadkan chaldi mere dil di e
Us dhadkan ch dhadake dil tera
Eh bull Jo khullan bola layi
Naam tera te zikar vi tera kare
Eh hath Jo uthde dua de layi
Mange tenu te dhiyan vi tera dhare
Rag rag ch vehnda mehsus ho gya
Rom rom sab tere ch racheya e..!!
Tu hi tu Jo reh gya baki hun
Dass mera ki mere ch bacheya e..!!

Title: Tu hi tu ❤️ || Punjabi shayari status || lyrical video


मेरी वाली alag hai jamane se || hindi shayari

उसके चेहरे में कई राज छुपे हैं, घबराती है बताने से..
कभी बेखौफ करे इजहार कभी, डरे जज्बात जताने से..
कभी आँखों से हटने नहीं देती, कभी फ़र्क नी पड़ता जाने से..
कभी मारने पर हंस पडती है, कभी रोये हाथ लगाने से..
कभी-कभी वो बाज नहीं आती, बेमतलब प्यार लुटाने से..
कभी लगे ना जाने कैसा प्यार है, भर देती दिल वो ताने से..
कभी-कभी वो घबरा जाती है, मुझे अपने पास बुलाने से..
कभी-कभी नहीं थकती वो अपनी, पलकों पे मुझे झूलाने से..
कभी दूर मुझसे है हो जाती, अचानक किसी के आने से..
कभी लड़ पड़ती मेरा हाथ पकड़ कर, मेरे लिए वो भरे जमाने से..
कभी परेशान हो जाता उसके, बेमतलब के शर्माने से..
कभी मुश्किल में फंस जाता हूं, परदा भी उसे कराने से..
अब तो मुझे भी डर है उसके, अचानक ही मुस्कुराने से..
क्या सबकी जिंदगी में है कोई ऐसा, या मेरी ही अलग है जमाने से..

Title: मेरी वाली alag hai jamane se || hindi shayari