मुझे तेरी चाहत है,
मुझे तू चाहिए,
चाहिए उम्र भर कर साथ ,
तेरा ऐतवार चाहिए।
Enjoy Every Movement of life!
मुझे तेरी चाहत है,
मुझे तू चाहिए,
चाहिए उम्र भर कर साथ ,
तेरा ऐतवार चाहिए।
Kuch lafz na milenge
Is Nabaz ke tham jane Tak
Ke kya kaha jaye
Aur kis andaaz me❤️
कुछ लफ्ज़ न मिलेंगे
इस नब्ज़ के थम जाने तक
कि क्या कहा जाए
और किस अंदाज़ में❤️
दोनों जहान तेरी मोहब्बत में हार के
वो जा रहा है कोई शब-ए-ग़म गुज़ार के
वीराँ है मैकदा ख़ुम-ओ-साग़र उदास है
तुम क्या गये के रूठ गये दिन बहार के
इक फ़ुर्सत-ए-गुनाह मिली वो भी चार दिन
देखे हैं हमने हौसले परवर-दिगार के
दुनिया ने तेरी याद से बेगाना कर दिया
तुझ से भी दिल फ़रेब हैं ग़म रोज़गार के
भूले से मुस्कुरा तो दिये थे वो आज ‘फ़ैज़’
मत पूछ वलवले दिलए-ना-कर्दाकार के