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मुझे ना जगाना यारो || hindi poetry

मयकदे में बैठ कर जाम इश्क़ के पी रहा हूं,
मुझे ना जगाना यारों मै ख़्वाबों में जी रहा हूं…

मोहब्बत भी कि, वफा भी रास आई,
थामा जब हाथ उसका तो जैसे ज़िन्दगी पास आई…
बंद आंखों में एहसासों को जी रहा हूं,
मुझे ना जगाना यारों मै ख़्वाबों में जी रहा हूं…

इश्क़ दिल से किया कलम से दास्तां लिखा,
मै ज़मीन पर सही उसे आसमां लिखा,
कुछ बिखरे लम्हों को पलकों के धागों से सी रहा हूं,
मुझे ना जगाना यारों मै ख़्वाबों में जी रहा हूं…

नजदीकियों का डर है, थोड़ा गुमराह हूं,
ना जाने धड़कने क्यों तेज़ है, मै भी तो हमराह हूं,
लग रहा है मै भवरा बन फूलों से खुशबू पी रहा हूं,
मुझे ना जगाना यारों मै ख़्वाबों में जी रहा हूं…

सुबह कुछ दस्तक दी शाम को वो लम्हें चल दिए,
वक्त की बंदिशें थी हम भी उनके पीछे चल दिए…
अगली सुबह के इंतज़ार में वक्त का दरिया पी रहा हूं,
मुझे ना जगाना यारों अब मै ख़्वाबों को जी रहा हूं…

Title: मुझे ना जगाना यारो || hindi poetry

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Sabh beh jayenge || akbar beerbal kahani

बादशाह अकबर और बीरबल शिकार पर गए हुए थे। उनके साथ कुछ सैनिक तथा सेवक भी थे। शिकार से लौटते समय एक गांव से गुजरते हुए बादशाह अकबर ने उस गांव के बारे में जानने की जिज्ञासा हुई। उन्होंने इस बारे में बीरबल से कहा तो उसने जवाब दिया—”हुजूर, मैं तो इस गांव के बारे में कुछ नहीं जानता, किंतु इसी गांव के किसी बाशिन्दे से पूछकर बताता हूं।”

बीरबल ने एक आदमी को बुलाकर पूछा—”क्यों भई, इस गांव में सब ठीक-ठाक तो है न?”

उस आदमी ने बादशाह को पहचान लिया और बोला—”हुजूर आपके राज में कोई कमी कैसे हो सकती है।”

“तुम्हारा नाम क्या है?” बादशाह ने पूछा।

“गंगा”

“तुम्हारे पिता का नाम?”

“जमुना”

“और मां का नाम सरस्वती है?”

“हुजूर, नर्मदा।”

यह सुनकर बीरबल ने चुटकी ली और बोला—”हुजूर तुरन्त पीछे हट जाइए। यदि आपके पास नाव हो तभी आगे बढ़ें वरना नदियों के इस गांव में तो डूब जाने का खतरा है।”

यह सुनकर बादशाह अकबर हंसे बगैर न रह सके।

Title: Sabh beh jayenge || akbar beerbal kahani


Asi tutt rahe teri udeek ch || inetzaar shayari punjabi

ਅਸੀਂ ਟੁੱਟ ਰਹੇ ਹਾਂ ਤੇਰੀ ੳਡੀਕ ਚ
ਹਰ ਵੇਲੇ ਤੇਰਾਂ ਹੀ ਖਿਆਲ ਰਹਿੰਦਾ ਐ
ਐਹ ਜ਼ਿਸਮ ਦਾ ਨੀ ਐਹ ਇਸ਼ਕ ਤੇਰੇ ਨਾਲ ਔਹ ਸੀ
ਜੋ ਰੁਹਾ ਨਾਲ਼ ਹੁੰਦਾ ਐਂ
ਤੇਰੀ ਛੋਟੀ ਛੋਟੀ ਬਾਤ ਤੇ ਤੇਰਾ ਪਿਆਰ ਨਾਲ ਮੇਨੂੰ ਪੁਤ ਕਹਿਣਾ
ਐਹ ਦਿਲ ਦਰਦਾਂ ਵਾਂਗੂੰ ਓਹਣਾ ਨੂੰ ਸਹਿਂਦਾ ਐਂ
ਕੋਈ ਦਵਾਈ ਤੇ ਕਿਸੇ ਵੀ ਹਕੀਮ ਦੀਆਂ ਦਵਾਈਆਂ ਦਾ ਅਸਰ ਨੀ ਹੁੰਦਾ ਆਸ਼ਕਾ ਤੇ
ਦਿਲ ਨੂੰ ਤਸੱਲੀ ਜਹੀ ਮਿਲ ਜਾਂਦੀ ਜਦੋਂ ਸਜਣ ਕੋਲ਼ ਆ ਬੇਂਦਾ ਐਂ
ਹੁਣ ਛੱਡ ਗੁਸਾ ਤੇ ਛੱਡ ਗਿਲਾ ਕੁਝ ਬਚਣਾ ਨੀ ਅਖ਼ੀਰ ਚ
ਵਕ਼ਤ ਦਾ ਕੁਝ ਨੀ ਪਤਾਂ ਸਜਣਾ ਅਸੀਂ ਟੁੱਟ ਰਹੇ ਹਾਂ ਤੇਰੀ ੳਡੀਕ ਚ

—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷

Title: Asi tutt rahe teri udeek ch || inetzaar shayari punjabi