ये किससे मोहब्बत की किताब पढ़कर आ गए हो,
दिल से निभाए जाने वाले दिल के रिश्ते में जिस्मो का प्यार ……..पगला गए हो।
तेरी वो *Badi si smile* के साथ मुस्कुराना जान ले लेता था मेरी,
तू मुझसे बिछड़कर खुश तो है ,पर सुना है मुरझा गए हो।
ये किससे मोहब्बत की किताब पढ़कर आ गए हो,
दिल से निभाए जाने वाले दिल के रिश्ते में जिस्मो का प्यार ……..पगला गए हो।
तेरी वो *Badi si smile* के साथ मुस्कुराना जान ले लेता था मेरी,
तू मुझसे बिछड़कर खुश तो है ,पर सुना है मुरझा गए हो।
Ye mohobbat ke haadse aksar
Dil ko tod dete hai😁
Tum manzil ki baat karte ho
Log aksar raston mein sath shod dete hain😁😁
ये❤️ मोहब्बत के 🤔हादसे अक्सर🤪
दिल 💔को तोड़ देते है…😬
तुम मंजिल 🙏की बात करते 👍हो
लोग 🤔अक्सर रास्तों 😎में साथ छोड़😌 देते है😁😁
मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,
मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।
तुझे पाने की चाहत में, हम सब कुछ खोते चले गए,
मगर फिर भी ऐ मेरे हमनशी, तुम दुर होते चले गए,
अब इससे ज्यादा मेरे हाल को बेहाल क्या करेगी,
मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,
मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।
मिल गया था मैं तुझे बिन मांगे, तुम कदर भी मेरी क्या करते ,
तुम रूठते हम मना लेते, मगर बदल ही गए हम क्या करते,
मैं लेटू नींद ना आये मुझे, तु भी रात को तारे गिना करेगी,
मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,
मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।
मैने खूद को ना ऐसे चाहा कभी, जैसे तुझको चाहते चले गए,
मैने देखा खुद को खोते हुए, बस तेरे होते चले गए,
मैंं इतना दूर चला जाऊं, तु घूट घूट आंहे भरा करेगी,
मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,
मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।
मैने खुदा से ऐसे मांगा उसे, मैं जीता, किस्मत हार गई,
यह “रमन” की महोब्बत की कविता थी, कोई जिस्मो का व्यापार नहीं,
तेरे पीछे खुद को फ़ना कर दू, मेरे गीत भी दुनिया गाया करेगी,
मेरे प्यार की तपिश के आगे यह सूरज भी ठंडा है,
मेरे आंसुओ का मुकाबला यह बरसात क्या करेगी ।
Rami_