उनके बारे में सोचूं, तो सोच में सुबह से शाम करदूँ..
मेरी दोस्ती कुबूल है उन्हें, क्या ये ज़िक्र शरेआम करदूँ..
अभी कहदूँ या रुकुं थोडा, जो मेरे दिल में बातें हैं..?
मेरा बस चले तो अपनी मुस्कान का कुछ हिस्सा, मैं उनके नाम करदूँ..
उनके बारे में सोचूं, तो सोच में सुबह से शाम करदूँ..
मेरी दोस्ती कुबूल है उन्हें, क्या ये ज़िक्र शरेआम करदूँ..
अभी कहदूँ या रुकुं थोडा, जो मेरे दिल में बातें हैं..?
मेरा बस चले तो अपनी मुस्कान का कुछ हिस्सा, मैं उनके नाम करदूँ..
Enni k aukat a meri,
Koi eh nhi keh sakda,
Apni aukat ch reh😏
ਇਹਨੀਂ ਕੇ ਔਕਾਤ ਆ ਮੇਰੀ,
ਕੋਈ ਇਹ ਨਹੀਂ ਕਹਿ ਸਕਦਾ,
ਆਪਣੀ ਔਕਾਤ ਚ ਰਹਿ।😏
Kujh kehna vi othe changa lagda e
Jithe agla sunan vala te samjhan vala howe
Na samjhe lokan agge shabad viakat karna viarth e..!!
ਕੁਝ ਕਹਿਣਾ ਵੀ ਓਥੇ ਚੰਗਾ ਲੱਗਦਾ ਏ
ਜਿੱਥੇ ਅਗਲਾ ਸੁਣਨ ਵਾਲਾ ਤੇ ਸਮਝਣ ਵਾਲਾ ਹੋਵੇ
ਨਾ ਸਮਝੇ ਲੋਕਾਂ ਅੱਗੇ ਸ਼ਬਦ ਵਿਅਕਤ ਕਰਨਾ ਵਿਅਰਥ ਏ..!!