उनके बारे में सोचूं, तो सोच में सुबह से शाम करदूँ..
मेरी दोस्ती कुबूल है उन्हें, क्या ये ज़िक्र शरेआम करदूँ..
अभी कहदूँ या रुकुं थोडा, जो मेरे दिल में बातें हैं..?
मेरा बस चले तो अपनी मुस्कान का कुछ हिस्सा, मैं उनके नाम करदूँ..
उनके बारे में सोचूं, तो सोच में सुबह से शाम करदूँ..
मेरी दोस्ती कुबूल है उन्हें, क्या ये ज़िक्र शरेआम करदूँ..
अभी कहदूँ या रुकुं थोडा, जो मेरे दिल में बातें हैं..?
मेरा बस चले तो अपनी मुस्कान का कुछ हिस्सा, मैं उनके नाम करदूँ..
Tanhai aur dard ka aalam tum kya samjhoge
Tumhe to ashq bahane se fursat nahi
Kisi ke dil ki halat tum kya samjhoge
Tumhe to ilzaam lagane se fursat nahi ✌️😕
तन्हाई और दर्द का आलम तुम क्या समझोगे,
तुम्हे तो अश्क बहाने से फुर्सत नहीं।
किसी के दिल कि हालत तुम क्या समझोगे,
तुम्हे तो इल्जाम लगाने से फुर्सत नहीं।✌️😕
Ni soniya👰 aasi yaara 👬de yaar 🏋️ha
Asi si ottha kam kadtaa🏄 jithe 💪Fail sarkar ha 👌👌💯