उनके बारे में सोचूं, तो सोच में सुबह से शाम करदूँ..
मेरी दोस्ती कुबूल है उन्हें, क्या ये ज़िक्र शरेआम करदूँ..
अभी कहदूँ या रुकुं थोडा, जो मेरे दिल में बातें हैं..?
मेरा बस चले तो अपनी मुस्कान का कुछ हिस्सा, मैं उनके नाम करदूँ..
उनके बारे में सोचूं, तो सोच में सुबह से शाम करदूँ..
मेरी दोस्ती कुबूल है उन्हें, क्या ये ज़िक्र शरेआम करदूँ..
अभी कहदूँ या रुकुं थोडा, जो मेरे दिल में बातें हैं..?
मेरा बस चले तो अपनी मुस्कान का कुछ हिस्सा, मैं उनके नाम करदूँ..

Saari saari raat teriyaan tasveeran banaunda han
akhaan vichon girde hanjuaan naal sajaunda han
hik naal laa k tanhai bhul jaanda han
teri yaad vich kho jaanda han
Har or uljhan aur khamoshiyon ka shor hai
Ankhon mein dhua aur sanson mein gubar bhara hai
Bheed ke tamaam chehro par muskan to bani hai
Lekin dilon mein zakham jada aur sukun zara hai 🙃💯
हर ओर उलझन और खामोशियों का शोर है
आँखों में धुँआ और साँसों में गुबार भरा है
भीड़ के तमाम चेहरों पर मुस्कान तो बनी है
लेकिन दिलों में ज़ख्म ज्यादा और सुकून जरा है 🙃💯