उनके बारे में सोचूं, तो सोच में सुबह से शाम करदूँ..
मेरी दोस्ती कुबूल है उन्हें, क्या ये ज़िक्र शरेआम करदूँ..
अभी कहदूँ या रुकुं थोडा, जो मेरे दिल में बातें हैं..?
मेरा बस चले तो अपनी मुस्कान का कुछ हिस्सा, मैं उनके नाम करदूँ..
Enjoy Every Movement of life!
उनके बारे में सोचूं, तो सोच में सुबह से शाम करदूँ..
मेरी दोस्ती कुबूल है उन्हें, क्या ये ज़िक्र शरेआम करदूँ..
अभी कहदूँ या रुकुं थोडा, जो मेरे दिल में बातें हैं..?
मेरा बस चले तो अपनी मुस्कान का कुछ हिस्सा, मैं उनके नाम करदूँ..
Oh pathar kithon miluga dosto, jihnu lok dil te rakhke ik dujhe nu bhul jande
ਉਹ ਪੱਥਰ ਕਿੱਥੋਂ ਮਿਲੂਗਾ ਦੋਸਤੋ ,ਜੀਹਨੂੰ ਲੋਕ ਦਿਲ ਤੇ ਰੱਖਕੇ ਇੱਕ ਦੂਜੇ ਨੂੰ ਭੁੱਲ ਜਾਂਦੇ ਆ॥
