उनके बारे में सोचूं, तो सोच में सुबह से शाम करदूँ..
मेरी दोस्ती कुबूल है उन्हें, क्या ये ज़िक्र शरेआम करदूँ..
अभी कहदूँ या रुकुं थोडा, जो मेरे दिल में बातें हैं..?
मेरा बस चले तो अपनी मुस्कान का कुछ हिस्सा, मैं उनके नाम करदूँ..
उनके बारे में सोचूं, तो सोच में सुबह से शाम करदूँ..
मेरी दोस्ती कुबूल है उन्हें, क्या ये ज़िक्र शरेआम करदूँ..
अभी कहदूँ या रुकुं थोडा, जो मेरे दिल में बातें हैं..?
मेरा बस चले तो अपनी मुस्कान का कुछ हिस्सा, मैं उनके नाम करदूँ..
Zindagi de pal hun kujh aise nikle
ke likh gaye meri pyar kahani
jina marzi me bhulna chawa hun
bhuldi ni oh marjani
ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਦੇ ਪਲ ਕੁਝ ਐਸੇ ਨਿਕਲੇ
ਕਿ ਲਿਖ ਗਏ ਮੇਰੀ ਪਿਆਰ ਕਹਾਣੀ
ਜਿੰਨ੍ਹਾ ਮਰਜ਼ੀ ਮੈਂ ਭੁਲਣਾ ਚਾਵਾਂ ਹੁਣ
ਭੁਲਦੀ ਨਾ ਉਹ ਮਰਜਾਣੀ
koee rooh ka talabagaar mile to ham bhee mahobbat kar le,
yahaan dil to bahut milate hai, bas koee dil se nahin milata…
कोई रूह का तलबगार मिले तो हम भी महोब्बत कर ले,
यहाँ दिल तो बहुत मिलते है, बस कोई दिल से नहीं मिलता…