उनके बारे में सोचूं, तो सोच में सुबह से शाम करदूँ..
मेरी दोस्ती कुबूल है उन्हें, क्या ये ज़िक्र शरेआम करदूँ..
अभी कहदूँ या रुकुं थोडा, जो मेरे दिल में बातें हैं..?
मेरा बस चले तो अपनी मुस्कान का कुछ हिस्सा, मैं उनके नाम करदूँ..
उनके बारे में सोचूं, तो सोच में सुबह से शाम करदूँ..
मेरी दोस्ती कुबूल है उन्हें, क्या ये ज़िक्र शरेआम करदूँ..
अभी कहदूँ या रुकुं थोडा, जो मेरे दिल में बातें हैं..?
मेरा बस चले तो अपनी मुस्कान का कुछ हिस्सा, मैं उनके नाम करदूँ..

Sadi zindagi da palla mukkadara ne
Fad tere naal injh baneya..!!
Hoye saah vi deewane tere yara
Ke asa tenu rabb manneya..!!
ਸਾਡੀ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਦਾ ਪੱਲਾ ਮੁਕੱਦਰਾਂ ਨੇ
ਫੜ ਤੇਰੇ ਨਾਲ ਇੰਝ ਬੰਨਿਆ..!!
ਹੋਏ ਸਾਹ ਵੀ ਦੀਵਾਨੇ ਤੇਰੇ ਯਾਰਾ
ਕਿ ਅਸਾਂ ਤੈਨੂੰ ਰੱਬ ਮੰਨਿਆ..!!