उनके बारे में सोचूं, तो सोच में सुबह से शाम करदूँ..
मेरी दोस्ती कुबूल है उन्हें, क्या ये ज़िक्र शरेआम करदूँ..
अभी कहदूँ या रुकुं थोडा, जो मेरे दिल में बातें हैं..?
मेरा बस चले तो अपनी मुस्कान का कुछ हिस्सा, मैं उनके नाम करदूँ..
उनके बारे में सोचूं, तो सोच में सुबह से शाम करदूँ..
मेरी दोस्ती कुबूल है उन्हें, क्या ये ज़िक्र शरेआम करदूँ..
अभी कहदूँ या रुकुं थोडा, जो मेरे दिल में बातें हैं..?
मेरा बस चले तो अपनी मुस्कान का कुछ हिस्सा, मैं उनके नाम करदूँ..
Hmm kaprdeya da trend chleya ehh, sajjan dekhe sajjan nu sajjan na dekhe Dil sajjna sajjna neh be dekhe rang surrat naal dekhe liwaas sajjna, ki sajjn dekhe roop sajjna da teh sajjna dekhe liwaas,
YEH ISHQUE KE JO MARHALE HAIN IN SE TO HUM KOSON DOOR HI BAITHAIN HAIN
TASHKEEL LAFZON KI DEKH KAR WO TO HAMAIN HI AASHIQUE MIZAAJ SAMAJH BAITHAIN HAIN
یہ عشق کے جو مرحلے ہے ان سے تو ہم کَوسَوں دور ہی بیٹھے ہے
تشکیل لفظوں کی دیکھ کر وہ تو ہمیں ہی عاشق مزاج سمجھ بیٹھے ہے