उनके बारे में सोचूं, तो सोच में सुबह से शाम करदूँ..
मेरी दोस्ती कुबूल है उन्हें, क्या ये ज़िक्र शरेआम करदूँ..
अभी कहदूँ या रुकुं थोडा, जो मेरे दिल में बातें हैं..?
मेरा बस चले तो अपनी मुस्कान का कुछ हिस्सा, मैं उनके नाम करदूँ..
उनके बारे में सोचूं, तो सोच में सुबह से शाम करदूँ..
मेरी दोस्ती कुबूल है उन्हें, क्या ये ज़िक्र शरेआम करदूँ..
अभी कहदूँ या रुकुं थोडा, जो मेरे दिल में बातें हैं..?
मेरा बस चले तो अपनी मुस्कान का कुछ हिस्सा, मैं उनके नाम करदूँ..
सोचा था तड़पायेंगे हम उन्हें,
किसी और का नाम लेके जलायेगें उन्हें,
फिर सोचा मैंने उन्हें तड़पाके दर्द मुझको ही होगा,
तो फिर भला किस तरह सताए हम उन्हें।🥺
Tu door hoyia ta Saahan ne vi kho Jana e sajjna ve..!!
Tere bina asi pagl jhalle ho Jana e sajjna ve..!!
ਤੂੰ ਦੂਰ ਹੋਇਆ ਤਾਂ ਸਾਹਾਂ ਨੇ ਵੀ ਖੋਹ ਜਾਣਾ ਏ ਸੱਜਣਾ ਵੇ..!!
ਤੇਰੇ ਬਿਨਾਂ ਅਸੀਂ ਪਾਗਲ ਝੱਲੇ ਹੋ ਜਾਣਾ ਏ ਸੱਜਣਾ ਵੇ..!!