उनके बारे में सोचूं, तो सोच में सुबह से शाम करदूँ..
मेरी दोस्ती कुबूल है उन्हें, क्या ये ज़िक्र शरेआम करदूँ..
अभी कहदूँ या रुकुं थोडा, जो मेरे दिल में बातें हैं..?
मेरा बस चले तो अपनी मुस्कान का कुछ हिस्सा, मैं उनके नाम करदूँ..
Enjoy Every Movement of life!
उनके बारे में सोचूं, तो सोच में सुबह से शाम करदूँ..
मेरी दोस्ती कुबूल है उन्हें, क्या ये ज़िक्र शरेआम करदूँ..
अभी कहदूँ या रुकुं थोडा, जो मेरे दिल में बातें हैं..?
मेरा बस चले तो अपनी मुस्कान का कुछ हिस्सा, मैं उनके नाम करदूँ..
बातों ही बातों में उसकी
एक बात निकल जाती है
खबर नहीं कि कब उसकी
याद में रात निकल जाती है
मेरी मोहब्बत कहने से पहले
उसकी औकात निकल जाती है
waqt hai aaj, katal kar do mera
kal duaon mujhe nawaza jayega
वक्त है आज, क़त्ल कर दो मेरा,
कल दुआओं मुझे नवाज़ा जाएगा...