*लखनऊ* की शाम थी, पर *तन्हा* थे हम ।
*मुमकिन* होता तुम मेरे होते तो *साथ* होते हम ।।
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Enjoy Every Movement of life!
*लखनऊ* की शाम थी, पर *तन्हा* थे हम ।
*मुमकिन* होता तुम मेरे होते तो *साथ* होते हम ।।
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Gustakh dil diya na-marziyan ton aazad hona e
Teriyan yaadan ch barbaad ho abaad hona e..!!
ਗੁਸਤਾਖ ਦਿਲ ਦੀਆਂ ਨਾ-ਮਰਜ਼ੀਆਂ ਤੋਂ ਆਜ਼ਾਦ ਹੋਣਾ ਏ
ਤੇਰੀਆਂ ਯਾਦਾਂ ‘ਚ ਬਰਬਾਦ ਹੋ ਕੇ ਆਬਾਦ ਹੋਣਾ ਏ..!!
