*लखनऊ* की शाम थी, पर *तन्हा* थे हम ।
*मुमकिन* होता तुम मेरे होते तो *साथ* होते हम ।।
❤🔥❤🔥❤🔥
Enjoy Every Movement of life!
*लखनऊ* की शाम थी, पर *तन्हा* थे हम ।
*मुमकिन* होता तुम मेरे होते तो *साथ* होते हम ।।
❤🔥❤🔥❤🔥
“It,s better to live alone, than to be disturbed by wrong peoples”
Jab se jana hai khud ko sfa mehtaab si ban gayi hai
Fizool nahi zindagi to shabab si van gayi hai❤️..!!
जब से जाना है खुद को सफा मेहताब सी बन गई है
फ़िज़ूल नहीं ज़िन्दगी तो शबाब सी बन गई है❤️..!!