*लखनऊ* की शाम थी, पर *तन्हा* थे हम ।
*मुमकिन* होता तुम मेरे होते तो *साथ* होते हम ।।
❤🔥❤🔥❤🔥
Enjoy Every Movement of life!
*लखनऊ* की शाम थी, पर *तन्हा* थे हम ।
*मुमकिन* होता तुम मेरे होते तो *साथ* होते हम ।।
❤🔥❤🔥❤🔥
वक़्त होकर भी मुझे वक़्त ना देना, तेरी आदत सी हो गई है.. मगर तेरे वक़्त का इंतज़ार करना, मेरी इबादत सी हो गई है.. सेहमे हुए होठों से ये पूछने को दिल तो करता है.... क्या तेरे प्यार की इस जंग में मेरी, शहादत सी हो गई है..
Tere pyar lai ik vaar tadepeyaa
baad bhora na chup kita e dil
ਤੇਰੇ ਪਿਆਰ ਲਈ ਇਕ ਵਾਰ ਤੜਫਿਆ
ਬਾਅਦ ਭੌਰਾ ਨਾ ਚੁੱਪ ਕੀਤਾ ਏ ਦਿਲ