सादगी हमारी हमसे है,
हम क्यूं बदल जाएं हजारों का रुख़ देखकर...
बदलने वाले किसी के अपने नहीं होते,
वो तो यूं ही बदल जाते हैं
नजारों का रुख़ देखकर...
Enjoy Every Movement of life!
सादगी हमारी हमसे है,
हम क्यूं बदल जाएं हजारों का रुख़ देखकर...
बदलने वाले किसी के अपने नहीं होते,
वो तो यूं ही बदल जाते हैं
नजारों का रुख़ देखकर...
Jan ne da hakk vi nahi reha kujh sanu
Haal puchiye taan kehnde ne
“Mar nahi chlle asi”💔..!!
ਜਾਣਨੇ ਦਾ ਹੱਕ ਵੀ ਨਹੀਂ ਰਿਹਾ ਕੁਝ ਸਾਨੂੰ
ਹਾਲ ਪੁੱਛੀਏ ਤਾਂ ਕਹਿੰਦੇ ਨੇ
“ਮਰ ਨਹੀਂ ਚੱਲੇ ਅਸੀਂ”💔..!!
Aksar gusse mai todh dete hai vaade,
Bhoolta koi nahin hai aati rehti hai yaade,