सादगी हमारी हमसे है,
हम क्यूं बदल जाएं हजारों का रुख़ देखकर...
बदलने वाले किसी के अपने नहीं होते,
वो तो यूं ही बदल जाते हैं
नजारों का रुख़ देखकर...
Enjoy Every Movement of life!
सादगी हमारी हमसे है,
हम क्यूं बदल जाएं हजारों का रुख़ देखकर...
बदलने वाले किसी के अपने नहीं होते,
वो तो यूं ही बदल जाते हैं
नजारों का रुख़ देखकर...
Log humse puchte he ki hum apko “aap” kehkar kyu pukarte he
Ab kya bataye unhe
“Tum” kehkar pukarna bhale hi khaas he
Lekin “aap” mein toh apnepan ka ehsaas he ❤
लोग हमसे पूछते हैं कि हम आपको “आप” कहकर क्यों पुकारते हैं
अब क्या बताएं उन्हें
“तुम” कहकर पुकारना भले ही खास है
लेकिन “आप” में तो अपनेपन का एहसास है ❤️
