सादगी हमारी हमसे है,
हम क्यूं बदल जाएं हजारों का रुख़ देखकर...
बदलने वाले किसी के अपने नहीं होते,
वो तो यूं ही बदल जाते हैं
नजारों का रुख़ देखकर...
Enjoy Every Movement of life!
सादगी हमारी हमसे है,
हम क्यूं बदल जाएं हजारों का रुख़ देखकर...
बदलने वाले किसी के अपने नहीं होते,
वो तो यूं ही बदल जाते हैं
नजारों का रुख़ देखकर...
ये किससे मोहब्बत की किताब पढ़कर आ गए हो,
दिल से निभाए जाने वाले दिल के रिश्ते में जिस्मो का प्यार ……..पगला गए हो।
तेरी वो *Badi si smile* के साथ मुस्कुराना जान ले लेता था मेरी,
तू मुझसे बिछड़कर खुश तो है ,पर सुना है मुरझा गए हो।
oo holi holi chad
java gye picha de
is shera nu
nun wale raha te
turr pye aa
lake zakham wale
peera nu……