सादगी हमारी हमसे है,
हम क्यूं बदल जाएं हजारों का रुख़ देखकर...
बदलने वाले किसी के अपने नहीं होते,
वो तो यूं ही बदल जाते हैं
नजारों का रुख़ देखकर...
सादगी हमारी हमसे है,
हम क्यूं बदल जाएं हजारों का रुख़ देखकर...
बदलने वाले किसी के अपने नहीं होते,
वो तो यूं ही बदल जाते हैं
नजारों का रुख़ देखकर...
athroo naina de
dil te kande banke digge
chann na reha mera hun
jajjbaat gaye
kadmaa ch midhe
ਅਥਰੂ ਨੈਣਾਂ ਦੇ
ਦਿਲ ਤੇ ਕੰਢੇ ਬਣ ਕੇ ਡਿੱਗੇ
ਚੰਨ ਨਾ ਰਿਹਾ ਮੇਰਾ ਹੁਣ
ਜਜਬਾਤ ਗਏ
ਕਦਮਾਂ ਚ ਮਿੱਧੇ
Jinhe hum kabil-e-aitbaar samjhte the
Vo hi daga kar gaye
Hairani to is baat ki hai ke jinhe hum zindagi mein bhi shamil nahi karte the
Vo kambakhat unhi se wafa kar gaye💔
जिन्हे हम काबिल-ए-एतबार समझते थे
वो ही दगा कर गए
हैरानी तो इस बात की है कि जिन्हें हम ज़िन्दगी में भी शामिल नहीं करते थे,
वो कमबख्त उन्हीं से वफ़ा कर गए💔