सादगी हमारी हमसे है,
हम क्यूं बदल जाएं हजारों का रुख़ देखकर...
बदलने वाले किसी के अपने नहीं होते,
वो तो यूं ही बदल जाते हैं
नजारों का रुख़ देखकर...
Enjoy Every Movement of life!
सादगी हमारी हमसे है,
हम क्यूं बदल जाएं हजारों का रुख़ देखकर...
बदलने वाले किसी के अपने नहीं होते,
वो तो यूं ही बदल जाते हैं
नजारों का रुख़ देखकर...
माना गलती तुम्हारी नहीं मेरी थी
पर वो प्यार से बुलाने की आदत तो तेरी थी
हम तो प्यार करना भी नहीं चाहते
पर हमारे आग को जलाने के लिए चिंगारी भी तेरी थी…
Kuch rul gye mere to,
kuch geeta’n de saaz likha
Bewafawa da raja mai,
Wafa nl bitayi raat likha