सादगी हमारी हमसे है,
हम क्यूं बदल जाएं हजारों का रुख़ देखकर...
बदलने वाले किसी के अपने नहीं होते,
वो तो यूं ही बदल जाते हैं
नजारों का रुख़ देखकर...
Enjoy Every Movement of life!
सादगी हमारी हमसे है,
हम क्यूं बदल जाएं हजारों का रुख़ देखकर...
बदलने वाले किसी के अपने नहीं होते,
वो तो यूं ही बदल जाते हैं
नजारों का रुख़ देखकर...
Bhut khaas aa mere lyin aah
Jo rishta
Tere te mere darmiyan,
Tu ooh pehla khab ae meri jaan,
Meri har ik swer da
Jihnu vekh mera din dhal janda,
Ik nvi swer te ik nve khab di aash chh.
ਤੇਰਾ ਰੋਹਿਤ…✍🏻
