सादगी हमारी हमसे है,
हम क्यूं बदल जाएं हजारों का रुख़ देखकर...
बदलने वाले किसी के अपने नहीं होते,
वो तो यूं ही बदल जाते हैं
नजारों का रुख़ देखकर...
सादगी हमारी हमसे है,
हम क्यूं बदल जाएं हजारों का रुख़ देखकर...
बदलने वाले किसी के अपने नहीं होते,
वो तो यूं ही बदल जाते हैं
नजारों का रुख़ देखकर...
खूबसूरत तो हर लम्हा है,
शायद देखने की नज़ाकत नहीं है...
अकेले चलने की हिम्मत तो है,
शायद साथ छोड़ने की आदत नहीं है...
शर्त है मै सिर्फ मयखाने तक जाऊंगा
आगे का रास्ता तुम तय कर लेना...
ताल्लुक़ मेरा पुराना है इन गलियों से,
शायद छूटा पैमाना पकड़ने की आदत नहीं है...
Sath mein tu ho aur teri baat ho
mein sunu teri
aur teri har baat mein Meri baat ho❤❤
साथ में तू हो और तेरी बात हो
में सुनु तेरी
और तेरी हर बात में मेरी बात हो❤❤