सादगी हमारी हमसे है,
हम क्यूं बदल जाएं हजारों का रुख़ देखकर...
बदलने वाले किसी के अपने नहीं होते,
वो तो यूं ही बदल जाते हैं
नजारों का रुख़ देखकर...
Enjoy Every Movement of life!
सादगी हमारी हमसे है,
हम क्यूं बदल जाएं हजारों का रुख़ देखकर...
बदलने वाले किसी के अपने नहीं होते,
वो तो यूं ही बदल जाते हैं
नजारों का रुख़ देखकर...
ohnu yaad karna me chhad dita
dil mera eh kehnda rehnda
par fir v
shayari ohde te eh likhda rehnda
ਉਹਨੂੰ ਯਾਦ ਕਰਨਾ ਮੇ ਛੱਡ ਦਿੱਤਾ
ਦਿਲ ਮੇਰਾ ਇਹ ਕਹਿੰਦਾ ਰਹਿੰਦਾ
ਪਰ ਫਿਰ ਵੀ
ਸ਼ਾਇਰੀ ਉਹਦੇ ਤੇ ਏ ਲਿਖਦਾ ਰਹਿੰਦਾ
