सादगी हमारी हमसे है,
हम क्यूं बदल जाएं हजारों का रुख़ देखकर...
बदलने वाले किसी के अपने नहीं होते,
वो तो यूं ही बदल जाते हैं
नजारों का रुख़ देखकर...
Enjoy Every Movement of life!
सादगी हमारी हमसे है,
हम क्यूं बदल जाएं हजारों का रुख़ देखकर...
बदलने वाले किसी के अपने नहीं होते,
वो तो यूं ही बदल जाते हैं
नजारों का रुख़ देखकर...
socheyaa si pyaar milu
dil da maahi yaar milu
dhokhe ch rakhna paigeyaa khud nu
ke me hi maadha si ohnu koi maitho changa koi yaar milu
ਸੋਚਿਆ ਸੀ ਪਿਆਰ ਮਿਲੂ
ਦਿਲ ਦਾ ਮਾਹੀ ਯਾਰ ਮਿਲੂ
ਦੋਖੇ ਚ ਰੱਖਣਾ ਪੈਗਿਆ ਖੁਦ ਨੂੰ
ਕੇ ਮੈਂ ਹੀ ਮਾੜਾ ਸੀ ਓਹਨੂੰ ਕੋਈ ਮੇਥੋਂ ਚੰਗਾ ਕੋਈ ਯਾਰ ਮਿਲੂ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ
