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सारा शहर लिख दिया || hindi shayari

Sara shehar likh diya ik kagaz mein,
Jise padhta gaya use mitata gya,
Aks mila bhi to khali maikhane mein,
Khudko pdhta gya khudko pilata gaya…

सारा शहर लिख दिया इक काग़ज़ में,
जिसे पढ़ता गया उसे मिटाता गया,
अक्स मिला भी तो खाली मयखाने में,
खुदको पढ़ता गया खुदको पिलाता गया….

Title: सारा शहर लिख दिया || hindi shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Birbal story || hindi story

 

जब बीरबल बच्चा बना

एक दिन बीरबल दरबार में देर से पहुंचा। जब बादशाह ने देरी का कारण पूछा तो वह बोला, “मैं क्या करता हुजूर ! मेरे बच्चे आज जोर-जोर से रोकर कहने लगे कि दरबार में न जाऊं। किसी तरह उन्हें बहुत मुश्किल से समझा पाया कि मेरा दरबार में हाजिर होना कितना जरूरी है। इसी में मुझे काफी समय लग गया और इसलिए मुझे आने में देर हो गई।”

बादशाह को लगा कि बीरबल बहानेबाजी कर रहा है।

बीरबल के इस उत्तर से बादशाह को तसल्ली नहीं हुई। वे बोले, “मैं तुमसे सहमत नहीं हूं। किसी भी बच्चे को समझाना इतना मुश्किल नहीं जितना तुमने बताया। इसमें इतनी देर तो लग ही नहीं सकती।”

बीरबल हंसता हुआ बोला, “हुजूर ! बच्चे को गुस्सा करना या डपटना तो बहुत सरल है। लेकिन किसी बात को विस्तार से समझा पाना बेहद कठिन।”

अकबर बोले, “मूर्खों जैसी बात मत करो। मेरे पास कोई भी बच्चा लेकर आओ। मैं तुम्हें दिखाता हूं कि कितना आसान है यह काम।” “ठीक है, जहांपनाह !” बीरबल बोला, “मैं खुद ही बच्चा बन जाता हूँ और वैसा ही व्यवहार करता हूं। तब आप एक पिता की भांति मुझे संतुष्ट करके दिखाएं।”

फिर बीरबल ने छोटे बच्चे की तरह बर्ताव करना शुरू कर दिया। उसने तरह-तरह के मुंह बनाकर अकबर को चिढ़ाया और किसी छोटे बच्चे की तरह दरबार में यहां-वहां उछलने-कूदने लगा। उसने अपनी पगड़ी जमीन पर फेंक दी। फिर वह जाकर अकबर की गोद में बैठ गया और लगा उनकी मूछों से छेड़छाड़ करने।

बादशाह कहते ही रह गए, “नहीं…नहीं मेरे बच्चे ! ऐसा मत करो। तुम तो अच्छे बच्चे हो न।” सुनकर बीरबल ने जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया। तब अकबर ने कुछ मिठाइयां लाने का आदेश दिया, लेकिन बीरबल जोर-जोर से चिल्लाता ही रहा।

अब बादशाह परेशान हो गए, लेकिन उन्होंने धैर्य बनाए रखा। वह बोले, “बेटा ! खिलौनों से खेलोगे ? देखो कितने सुंदर खिलौने हैं।” बीरबल रोता हुआ बोला, “नहीं, मैं तो गन्ना खाऊंगा।” अकबर मुस्कराए और गन्ना लाने का आदेश दिया।

थोड़ी ही देर में एक सैनिक कुछ गन्ने लेकर आ गया। लेकिन बीरबल का रोना नहीं थमा। वह बोला, “मुझे बड़ा गन्ना नहीं चाहिए, छोटे-छोटे टुकड़े में कटा गन्ना दो।”

अकबर ने एक सैनिक को बुलाकर कहा कि वह एक गन्ने के छोटे-छोटे टुकड़े कर दे। यह देखकर बीरबल और जोर से रोता हुआ बोला, “नहीं, सैनिक गन्ना नहीं काटेगा। आप खुद काटें इसे।”

अब बादशाह का मिजाज बिगड़ गया। लेकिन उनके पास गन्ना काटने के अलावा और कोई चारा न था। और करते भी क्या ? खुद अपने ही बिछाए जाल में फंस गए थे वह।

गन्ने के टुकड़े करने के बाद उन्हें बीरबल के सामने रखते हुए बोले अकबर, “लो इसे खा लो बेटा।”

अब बीरबल ने बच्चे की भांति मचलते हुए कहा, “नहीं मैं तो पूरा गन्ना ही खाऊंगा।”

बादशाह ने एक साबुत गन्ना उठाया और बीरबल को देते हुए बोले, “लो पूरा गन्ना और रोना बंद करो।”

लेकिन बीरबल रोता हुआ ही बोला, “नहीं, मुझे तो इन छोटे टुकड़ों से ही साबुत गन्ना बनाकर दो।”

“कैसी अजब बात करते हो तुम ! यह भला कैसे संभव है ?” बादशाह के स्वर में क्रोध भरा था।

लेकिन बीरबल रोता ही रहा। बादशाह का धैर्य चुक गया। बोले, “यदि तुमने रोना बन्द नहीं किया तो मार पड़ेगी तब।”

अब बच्चे का अभिनय करता बीरबल उठ खड़ा हुआ और हंसता हुआ बोला, “नहीं…नहीं ! मुझे मत मारो हुजूर ! अब आपको पता चला कि बच्चे की बेतुकी जिदों को शांत करना कितना मुश्किल काम है ?”

बीरबल की बात से सहमत थे अकबर, बोले, “हां ठीक कहते हो। रोते-चिल्लाते जिद पर अड़े बच्चे को समझाना बच्चों का खेल नहीं।”

 

Title: Birbal story || hindi story


Deja deedar sajjna || Punjabi shayari || true love shayari || Punjabi status

Milna tera c jive rooh nu rabb milna
Pahunche arsha te c jive maar udaari
Tere jaan to baad Na chain aaya kite
Vjji seene te mohobbat di satt bhari
Dil cheez hi rbb ne bnayi esi
Pyar mile Na mile eh ta hundi haari
Pyar jani Na iklle fullan di saij kidre
Jaan kddn te ondi e roohan di yaari
Noor dekheya c ik tere chehre utte
Mano lath hi gyi c eh duniya sari
Akhan bhukhiya peyasiyan awaj marn
Deja didar ta sajjna tu ik vari

ਮਿਲਣਾ ਤੇਰਾ ਸੀ ਜਿਵੇਂ ਰੂਹ ਨੂੰ ਰੱਬ ਮਿਲਣਾ
ਪਹੁੰਚੇ ਅਰਸ਼ਾਂ ਤੇ ਸੀ ਜਿਵੇਂ ਮਾਰ ਉਡਾਰੀ..!!
ਤੇਰੇ ਜਾਣ ਤੋਂ ਬਾਅਦ ਨਾ ਚੈਨ ਆਇਆ ਕਿਤੇ
ਵੱਜੀ ਸੀਨੇ ਤੇ ਮੋਹੁੱਬਤ ਦੀ ਸੱਟ ਭਾਰੀ..!!
ਦਿਲ ਚੀਜ਼ ਹੀ ਰੱਬ ਨੇ ਬਣਾਈ ਐਸੀ
ਪਿਆਰ ਮਿਲੇ ਨਾ ਮਿਲੇ ਇਹ ਤਾਂ ਹੁੰਦੀ ਹਾਰੀ..!!
ਪਿਆਰ ਜਾਣੀ ਨਾ ਇਕੱਲੇ ਫੁੱਲਾਂ ਦੀ ਸੇਜ ਕਿੱਧਰੇ
ਜਾਨ ਕੱਢਣ ਤੇ ਆਉਂਦੀ ਏ ਰੂਹਾਂ ਦੀ ਯਾਰੀ..!!
ਨੂਰ ਦੇਖਿਆ ਸੀ ਇੱਕ ਤੇਰੇ ਚਿਹਰੇ ਉੱਤੇ
ਮਨੋ ਲੱਥ ਹੀ ਗਈ ਸੀ ਇਹ ਦੁਨੀਆ ਸਾਰੀ..!!
ਅੱਖਾਂ ਭੁੱਖੀਆਂ ਪਿਆਸੀਆਂ ਅਵਾਜ ਮਾਰਨ
ਦੇ ਜਾ ਦੀਦਾਰ ਤਾਂ ਸੱਜਣਾ ਤੂੰ ਇੱਕ ਵਾਰੀ..!!

Title: Deja deedar sajjna || Punjabi shayari || true love shayari || Punjabi status