हटा ली आइने से धूल ए ग़ालिब,
अब दामन मैला सा लगता है,
रूह तो नापाक थी ही,
अब आंगन भी मैला सा लगता है,
देखना ज़रूर के परिंदे भी छोड़ जायेंगे
बसेरा अपना उस दर से,
जिस दर पर मोहब्बत का मेला भी,
मैला सा लगता है...
Enjoy Every Movement of life!
हटा ली आइने से धूल ए ग़ालिब,
अब दामन मैला सा लगता है,
रूह तो नापाक थी ही,
अब आंगन भी मैला सा लगता है,
देखना ज़रूर के परिंदे भी छोड़ जायेंगे
बसेरा अपना उस दर से,
जिस दर पर मोहब्बत का मेला भी,
मैला सा लगता है...
ਜੋ ਪ੍ਮਾਤਮਾਂ ਰਾਤ ਨੂੰ ਦਰੱਖਤਾਂ ਤੇ ਬੈਠੇ ਪੰਛੀਆਂ ਨੂੰ ਵੀ ਨੀਂਦ ਵਿੱਚ ਡਿੱਗਣ ਨਹੀਂ ਦਿੰਦਾ ਉਹ ਪ੍ਮਾਤਮਾਂ ਬੰਦੇ ਨੂੰ ਕਿਵੇਂ ਬੇਸਹਾਰਾ ਛੱਡ ਸਕਦਾ ਹੈ ਬੱਸ ਲੋੜ ਹੈ ਉਸ ਵਾਹਿਗੁਰੂ ਤੇ ਭਰੋਸਾ ਰੱਖਣ ਦੀ ਜੀ🙏
खुद की जवां तस्वीर बूढ़ी पलकों ने देखी है,
बीती वो जिंदगी अब सूनी सड़कों में देखी है,
हालात वही है बस थोड़ा वक्त का तकाज़ा है,
गुज़रा था जो पल आज फिर थोड़ा ताज़ा है,🍂