हटा ली आइने से धूल ए ग़ालिब,
अब दामन मैला सा लगता है,
रूह तो नापाक थी ही,
अब आंगन भी मैला सा लगता है,
देखना ज़रूर के परिंदे भी छोड़ जायेंगे
बसेरा अपना उस दर से,
जिस दर पर मोहब्बत का मेला भी,
मैला सा लगता है...
हटा ली आइने से धूल ए ग़ालिब,
अब दामन मैला सा लगता है,
रूह तो नापाक थी ही,
अब आंगन भी मैला सा लगता है,
देखना ज़रूर के परिंदे भी छोड़ जायेंगे
बसेरा अपना उस दर से,
जिस दर पर मोहब्बत का मेला भी,
मैला सा लगता है...

Jannta de vang eh zameen ho gayi😍
Tenu takkeya tere ch hi nigah leen ho gayi🙈
Berang jehi eh duniya rangeen ho gayi😇
Zind sajjna haseen ton haseen ho gayi❤️..!!
ਜੰਨਤਾਂ ਦੇ ਵਾਂਗ ਇਹ ਜ਼ਮੀਨ ਹੋ ਗਈ😍
ਤੈਨੂੰ ਤੱਕਿਆ ਤੇਰੇ ‘ਚ ਹੀ ਨਿਗਾਹ ਲੀਨ ਹੋ ਗਈ🙈
ਬੇਰੰਗ ਜਿਹੀ ਇਹ ਦੁਨੀਆਂ ਰੰਗੀਨ ਹੋ ਗਈ😇
ਜ਼ਿੰਦ ਸੱਜਣਾ ਹਸੀਨ ਤੋਂ ਹਸੀਨ ਹੋ ਗਈ❤️..!!