हटा ली आइने से धूल ए ग़ालिब,
अब दामन मैला सा लगता है,
रूह तो नापाक थी ही,
अब आंगन भी मैला सा लगता है,
देखना ज़रूर के परिंदे भी छोड़ जायेंगे
बसेरा अपना उस दर से,
जिस दर पर मोहब्बत का मेला भी,
मैला सा लगता है...
Enjoy Every Movement of life!
हटा ली आइने से धूल ए ग़ालिब,
अब दामन मैला सा लगता है,
रूह तो नापाक थी ही,
अब आंगन भी मैला सा लगता है,
देखना ज़रूर के परिंदे भी छोड़ जायेंगे
बसेरा अपना उस दर से,
जिस दर पर मोहब्बत का मेला भी,
मैला सा लगता है...
Sapna hai ankhon mein… magar nind kahi aur hai
Dil❤ to hai jisam mein… magar dhadkan💕 Kahin aur hai..
Kaise byan karein apna haal-e-dil ❤
Ji to rahe hain… magar zindagi kahi aur hai..
सपना है आखो में… मगर नींद कहीं और है।
दिल❤ तो हैं जिस्म में… मगर धड़कन💕 कहीं और है।।
कैसे बयान करें अपना हाल-ए-दिल❤
जी तो रहें हैं… मगर जिंदगी कहीं और है।
