हटा ली आइने से धूल ए ग़ालिब,
अब दामन मैला सा लगता है,
रूह तो नापाक थी ही,
अब आंगन भी मैला सा लगता है,
देखना ज़रूर के परिंदे भी छोड़ जायेंगे
बसेरा अपना उस दर से,
जिस दर पर मोहब्बत का मेला भी,
मैला सा लगता है...
हटा ली आइने से धूल ए ग़ालिब,
अब दामन मैला सा लगता है,
रूह तो नापाक थी ही,
अब आंगन भी मैला सा लगता है,
देखना ज़रूर के परिंदे भी छोड़ जायेंगे
बसेरा अपना उस दर से,
जिस दर पर मोहब्बत का मेला भी,
मैला सा लगता है...
koi hor jchda hi naa../awesome shayari
Tere bin jawa te kithe jawa
Tere bina hor koi es dil ch vssda hi nhi .
Tkkna te vs Hun tenu hi tkkna
Tere bina ehna akhiyan nu koi jchda hi nhi…
APNE RASTE KO SAHI MANJIL KI TARAF MOD RAHE HAI
BHUT DEKH LIYA INTZAAR KARKE
KISI KI YAADO MEIN KHUD KO BARBAAD KARNA AB CHHOD RAHE HAI