हटा ली आइने से धूल ए ग़ालिब,
अब दामन मैला सा लगता है,
रूह तो नापाक थी ही,
अब आंगन भी मैला सा लगता है,
देखना ज़रूर के परिंदे भी छोड़ जायेंगे
बसेरा अपना उस दर से,
जिस दर पर मोहब्बत का मेला भी,
मैला सा लगता है...
Enjoy Every Movement of life!
हटा ली आइने से धूल ए ग़ालिब,
अब दामन मैला सा लगता है,
रूह तो नापाक थी ही,
अब आंगन भी मैला सा लगता है,
देखना ज़रूर के परिंदे भी छोड़ जायेंगे
बसेरा अपना उस दर से,
जिस दर पर मोहब्बत का मेला भी,
मैला सा लगता है...
Asi aap taa taitho door hunde nahi
par je rabb ne kita taa maaf kari
ਅਸੀਂ ਆਪ ਤਾਂ ਤੈਥੋਂ ਦੂਰ ਹੁੰਦੇ ਨਹੀਂ,
ਪਰ ਜੇ ਰੱਬ ਨੇ ਕੀਤਾ ਤਾਂ ਮਾਫ ਕਰੀਂ 🙏
Itna dur hoke hum fir vi kitne pas he
ishq hamara bekarar he
tumhare khwaabo me hamm khogaye
tujhe yaad kar kar dil ko khushi bohot mili