हटा ली आइने से धूल ए ग़ालिब,
अब दामन मैला सा लगता है,
रूह तो नापाक थी ही,
अब आंगन भी मैला सा लगता है,
देखना ज़रूर के परिंदे भी छोड़ जायेंगे
बसेरा अपना उस दर से,
जिस दर पर मोहब्बत का मेला भी,
मैला सा लगता है...
हटा ली आइने से धूल ए ग़ालिब,
अब दामन मैला सा लगता है,
रूह तो नापाक थी ही,
अब आंगन भी मैला सा लगता है,
देखना ज़रूर के परिंदे भी छोड़ जायेंगे
बसेरा अपना उस दर से,
जिस दर पर मोहब्बत का मेला भी,
मैला सा लगता है...
Chen gawayiaa, bulaan de haase gawye
mere kol hun kujh ni bachiyaaa
sirf ehna nakami lakeeran ton siwaaye
ਚੈਨ ਗਵਾਇਆ, ਬੁਲਾਂ ਦੇ ਹਾਸੇ ਗਵਾਏ
ਮੇਰੇ ਕੋਲ ਹੁਣ ਕੁਝ ਨੀ ਬੱਚਿਆ
ਸਿਰਫ ਇਹਨਾ ਨਾਕਾਮੀ ਲਕੀਰਾਂ ਤੋਂ ਸਿਵਾਏ
Sote sote jag jati hu jagte jagte so jati hoon
Fir yaad tumhari aati hai meethe sapno mein kho jati hoon
Apna milna is jeevan mein shayad ab namumkin hai
Khwabon mein hi sahi magar kuch pal ko tumhari ho jati hoon..!!
सोते सोते जग जाती हूँ जगते जगते सो जाती हूँ!
फिर याद तुम्हारी आती है मीठे सपनों मे खो जाती हूँ!
अपना मिलना इस जीवन मे शायद अब नामुमकिन है!
ख्वाबों मे ही सही मगर कुछ पल को तुम्हारी हो जाती हूँ!!