हटा ली आइने से धूल ए ग़ालिब,
अब दामन मैला सा लगता है,
रूह तो नापाक थी ही,
अब आंगन भी मैला सा लगता है,
देखना ज़रूर के परिंदे भी छोड़ जायेंगे
बसेरा अपना उस दर से,
जिस दर पर मोहब्बत का मेला भी,
मैला सा लगता है...
Enjoy Every Movement of life!
हटा ली आइने से धूल ए ग़ालिब,
अब दामन मैला सा लगता है,
रूह तो नापाक थी ही,
अब आंगन भी मैला सा लगता है,
देखना ज़रूर के परिंदे भी छोड़ जायेंगे
बसेरा अपना उस दर से,
जिस दर पर मोहब्बत का मेला भी,
मैला सा लगता है...
Aksar Lok pyar di aadh vich aa ke
Ikk change dost nu vi khoh bethde ne..!!
ਅਕਸਰ ਲੋਕ ਪਿਆਰ ਦੀ ਆੜ ਵਿੱਚ ਆ ਕੇ
ਇੱਕ ਚੰਗੇ ਦੋਸਤ ਨੂੰ ਵੀ ਖੋਹ ਬੈਠਦੇ ਨੇ..!!
Intzaar intzaar intzaar intzaar
Shaam se subah tak subah se sham tak😶
इंतज़ार इंतज़ार इंतज़ार इंतज़ार
शाम से सुबह तक सुबह से शाम तक😶