हटा ली आइने से धूल ए ग़ालिब,
अब दामन मैला सा लगता है,
रूह तो नापाक थी ही,
अब आंगन भी मैला सा लगता है,
देखना ज़रूर के परिंदे भी छोड़ जायेंगे
बसेरा अपना उस दर से,
जिस दर पर मोहब्बत का मेला भी,
मैला सा लगता है...
हटा ली आइने से धूल ए ग़ालिब,
अब दामन मैला सा लगता है,
रूह तो नापाक थी ही,
अब आंगन भी मैला सा लगता है,
देखना ज़रूर के परिंदे भी छोड़ जायेंगे
बसेरा अपना उस दर से,
जिस दर पर मोहब्बत का मेला भी,
मैला सा लगता है...
Saadgi ch rehan de shonk ne awalle😇
Na dekh lokan vall bahla sajjde haan🙏..!!
Na aakda nu rakhiye na rohab rakhde haan🤗
Taan hi kayi dila te sidha vajjde haan❤️..!!
ਸਾਦਗੀ ‘ਚ ਰਹਿਣ ਦੇ ਸ਼ੌਂਕ ਨੇ ਅਵੱਲੇ😇
ਨਾ ਦੇਖ ਲੋਕਾਂ ਵੱਲ ਬਾਹਲਾ ਸੱਜਦੇ ਹਾਂ🙏..!!
ਨਾ ਆਕੜਾਂ ਨੂੰ ਰੱਖੀਏ ਨਾ ਰੋਹਬ ਰੱਖਦੇ ਹਾਂ🤗
ਤਾਂ ਹੀ ਕਈ ਦਿਲਾਂ ‘ਤੇ ਸਿੱਧਾ ਵੱਜਦੇ ਹਾਂ❤️..!!
कुबूल ही क्यों किया तूने मेरा इश्क
जब तुझे था ही नहीं मुझसे प्यार|
बार बार दिल क्यों दुखाता है मेरा,
एक बार ही ज़ख्म दे देता यार||
–हिरल सिंह