हम रोशनी में बैठकर,सारी रात लिखते हैं
उस नक़ाव में हमको,दो चिराग़ दिखते हैं
तुझको अंदाज़ा भी नहीं होगा,के मेरे बगैर
तेरे पास बैठे लोग,कितने ख़राब दिखते हैं
Enjoy Every Movement of life!
हम रोशनी में बैठकर,सारी रात लिखते हैं
उस नक़ाव में हमको,दो चिराग़ दिखते हैं
तुझको अंदाज़ा भी नहीं होगा,के मेरे बगैर
तेरे पास बैठे लोग,कितने ख़राब दिखते हैं
नज़र में ज़ख़्म-ए-तबस्सुम छुपा छुपा के मिला,
खफा तो था वो मगर मुझ से मुस्कुरा के मिला।❤️
Je udeek karn naal yaar milde
taa ithe koi aashq raata nu ronda naa
ਜੇ ਉਡੀਕ ਕਰਨ ਨਾਲ ਯਾਰ ਮਿਲਦੇ
ਤਾਂ ਇਥੇ ਕੋਈ ਆਸ਼ਕ ਰਾਤਾਂ ਨੂੰ ਰੋਂਦਾ ਨਾਂ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ 🌷