हम रोशनी में बैठकर,सारी रात लिखते हैं
उस नक़ाव में हमको,दो चिराग़ दिखते हैं
तुझको अंदाज़ा भी नहीं होगा,के मेरे बगैर
तेरे पास बैठे लोग,कितने ख़राब दिखते हैं
Enjoy Every Movement of life!
हम रोशनी में बैठकर,सारी रात लिखते हैं
उस नक़ाव में हमको,दो चिराग़ दिखते हैं
तुझको अंदाज़ा भी नहीं होगा,के मेरे बगैर
तेरे पास बैठे लोग,कितने ख़राब दिखते हैं
गलती मेरी ना होने पर भी मुझे गलत बनाया गया है
एक दफा नही मुझे कई बार सताया गया है ,
अब क्या ही सुनाई मैं अपनी मोहब्बत की दास्तां
पूरी महफिल में मुझे बेवफा बताया गया है ।
