हम रोशनी में बैठकर,सारी रात लिखते हैं
उस नक़ाव में हमको,दो चिराग़ दिखते हैं
तुझको अंदाज़ा भी नहीं होगा,के मेरे बगैर
तेरे पास बैठे लोग,कितने ख़राब दिखते हैं
Enjoy Every Movement of life!
हम रोशनी में बैठकर,सारी रात लिखते हैं
उस नक़ाव में हमको,दो चिराग़ दिखते हैं
तुझको अंदाज़ा भी नहीं होगा,के मेरे बगैर
तेरे पास बैठे लोग,कितने ख़राब दिखते हैं
ਇੰਤਜਾਰ ਅਕਸਰ ਉਹੀ ਅਧੂਰੇ ਰਹਿ ਜਾਂਦੇ ਨੇ
ਜੋ ਬੜੀ ਸ਼ਿੱਦਤ ਨਾਲ ਕੀਤੇ ਜਾਂਦੇ ਨੇ…💔
Intezar aksar uhh adhure rahe jande ne
Jo bdi sidat nall kite jande ne…💔