हम रोशनी में बैठकर,सारी रात लिखते हैं
उस नक़ाव में हमको,दो चिराग़ दिखते हैं
तुझको अंदाज़ा भी नहीं होगा,के मेरे बगैर
तेरे पास बैठे लोग,कितने ख़राब दिखते हैं
Enjoy Every Movement of life!
हम रोशनी में बैठकर,सारी रात लिखते हैं
उस नक़ाव में हमको,दो चिराग़ दिखते हैं
तुझको अंदाज़ा भी नहीं होगा,के मेरे बगैर
तेरे पास बैठे लोग,कितने ख़राब दिखते हैं
जब तुम्हारी याद आए, हम चाँद को निहार लेते हैं,
जो बातें तुमसे ना कह पाए, वे उसको सुनाने लगते हैं,
लगता है, कोई पुराना रिश्ता तुमसे,
जब भी तुमसे मिलते हैं, हम मुस्कुराने लगते हैं।
pyaar mohhabat toh dur a sajna
Kyoki barbadi de raah chalna sanu manjur ni.