हम रोशनी में बैठकर,सारी रात लिखते हैं
उस नक़ाव में हमको,दो चिराग़ दिखते हैं
तुझको अंदाज़ा भी नहीं होगा,के मेरे बगैर
तेरे पास बैठे लोग,कितने ख़राब दिखते हैं
हम रोशनी में बैठकर,सारी रात लिखते हैं
उस नक़ाव में हमको,दो चिराग़ दिखते हैं
तुझको अंदाज़ा भी नहीं होगा,के मेरे बगैर
तेरे पास बैठे लोग,कितने ख़राब दिखते हैं
कुछ नहीं है बात में, ये बात चुभती भी तो है,
भोर की पहली किरण भी सांझ में ढलती तो है,
उड़ता हूं मैं बाज़ सा आसमां की उस ऊंचाई में,
जिस तेज ताप पर, थोड़ी हवा चलती तो है,
गिरता हूं मैं उठता हूं कभी धरती कभी अंगड़ाई पे
जिंदगी भी दर बदर पर, जिंदगी चलती तो है,
बात इतनी ही नहीं के कायदे भी अब रो रहे,
सर झुका कर चलती दुनिया देख खलती भी तो है...
Dil nu ji chahtan di thod lag gyi e
Nashile jehe naina di lod lag gyi e
Mannda nhi dil vasso Bahr hoyi janda e
Sajjna de pyar di tod lag gyi e🥰..!!
ਦਿਲ ਨੂੰ ਜੀ ਚਾਹਤਾਂ ਦੀ ਥੋੜ ਲੱਗ ਗਈ ਏ
ਨਸ਼ੀਲੇ ਜਿਹੇ ਨੈਣਾਂ ਦੀ ਲੋੜ ਲੱਗ ਗਈ ਏ
ਮੰਨਦਾ ਨਹੀਂ ਦਿਲ ਵੱਸੋਂ ਬਾਹਰ ਹੋਈ ਜਾਂਦਾ ਏ
ਸੱਜਣਾ ਦੇ ਪਿਆਰ ਦੀ ਤੋੜ ਲੱਗ ਗਈ ਏ🥰..!!