हम रोशनी में बैठकर,सारी रात लिखते हैं
उस नक़ाव में हमको,दो चिराग़ दिखते हैं
तुझको अंदाज़ा भी नहीं होगा,के मेरे बगैर
तेरे पास बैठे लोग,कितने ख़राब दिखते हैं
Enjoy Every Movement of life!
हम रोशनी में बैठकर,सारी रात लिखते हैं
उस नक़ाव में हमको,दो चिराग़ दिखते हैं
तुझको अंदाज़ा भी नहीं होगा,के मेरे बगैर
तेरे पास बैठे लोग,कितने ख़राब दिखते हैं
Dil khula neyat saaf rakhi de,
Awa nhio kise de dee pain taki de,
Life is really generous to those who pursue their personal legend
Paulo Coelho