हम रोशनी में बैठकर,सारी रात लिखते हैं
उस नक़ाव में हमको,दो चिराग़ दिखते हैं
तुझको अंदाज़ा भी नहीं होगा,के मेरे बगैर
तेरे पास बैठे लोग,कितने ख़राब दिखते हैं
हम रोशनी में बैठकर,सारी रात लिखते हैं
उस नक़ाव में हमको,दो चिराग़ दिखते हैं
तुझको अंदाज़ा भी नहीं होगा,के मेरे बगैर
तेरे पास बैठे लोग,कितने ख़राब दिखते हैं

Pyaar ik hai hi ajehi cheej
k jekar yaar sahmne hove taan
bullaan di muskuraahatt ton pehlaan
naina de paani swagat karde ne
Hamari zindagi me wo apni marzi se aaye the
Aur gaye bhi hai apni marzi se
is daur me hamne toh bas ek matr khilaune
ka kirdaar nibhayia tha, kyuki marzi to
kewal khilauno par hi ki jaati hai
हमारी जिंदगी में वो अपनी मरज़ी से आए थे
और गए भी हैं अपनी मरज़ी से,
इस दौर में हमने तो बस एक मात्र खिलौने
का किरदार निभाया था, क्योंकि मरज़ी तो
केवल खिलौनो पर ही की जाती है