हम रोशनी में बैठकर,सारी रात लिखते हैं
उस नक़ाव में हमको,दो चिराग़ दिखते हैं
तुझको अंदाज़ा भी नहीं होगा,के मेरे बगैर
तेरे पास बैठे लोग,कितने ख़राब दिखते हैं
Enjoy Every Movement of life!
हम रोशनी में बैठकर,सारी रात लिखते हैं
उस नक़ाव में हमको,दो चिराग़ दिखते हैं
तुझको अंदाज़ा भी नहीं होगा,के मेरे बगैर
तेरे पास बैठे लोग,कितने ख़राब दिखते हैं
fikar te jikar
dilo chahun wala hi kar sakda
ਫਿਕਰ ਤੇ ਜ਼ਿਕਰ..
ਦਿਲੋਂ ਚਾਹੁੰਣ ਵਾਲਾ ਹੀ ਕਰ ਸਕਦਾ..
