हम रोशनी में बैठकर,सारी रात लिखते हैं
उस नक़ाव में हमको,दो चिराग़ दिखते हैं
तुझको अंदाज़ा भी नहीं होगा,के मेरे बगैर
तेरे पास बैठे लोग,कितने ख़राब दिखते हैं
Enjoy Every Movement of life!
हम रोशनी में बैठकर,सारी रात लिखते हैं
उस नक़ाव में हमको,दो चिराग़ दिखते हैं
तुझको अंदाज़ा भी नहीं होगा,के मेरे बगैर
तेरे पास बैठे लोग,कितने ख़राब दिखते हैं
Deed howe sajjna di nazare bde lagde ne
Hadho vadh pyar aawe pyare bde lagde ne😘..!!
ਦੀਦ ਹੋਵੇ ਸੱਜਣਾ ਦੀ ਨਜ਼ਾਰੇ ਬੜੇ ਲੱਗਦੇ ਨੇ
ਹੱਦੋਂ ਵੱਧ ਪਿਆਰ ਆਵੇ ਪਿਆਰੇ ਬੜੇ ਲੱਗਦੇ ਨੇ😘..!!
तहजीब, लहज़ा, अदब,
अब तो सब किताबी नज़्म है,
बाज़ार में उतर देखना ग़ालिब,
ईमान की भी कीमत लगने लगी है...