हम रोशनी में बैठकर,सारी रात लिखते हैं
उस नक़ाव में हमको,दो चिराग़ दिखते हैं
तुझको अंदाज़ा भी नहीं होगा,के मेरे बगैर
तेरे पास बैठे लोग,कितने ख़राब दिखते हैं
Enjoy Every Movement of life!
हम रोशनी में बैठकर,सारी रात लिखते हैं
उस नक़ाव में हमको,दो चिराग़ दिखते हैं
तुझको अंदाज़ा भी नहीं होगा,के मेरे बगैर
तेरे पास बैठे लोग,कितने ख़राब दिखते हैं
Zindagi me ek waqt aisa bhi aata hai jab sab kuch thik hone ke baad bhi INSAAN muskurana bhool jata hai
ज़िंदगी में एक वक़्त ऐसा भी आता है जब सब कुछ ठीक होने के बाद भी इंसान मुस्कुराना भूल जाता है
