हम रोशनी में बैठकर,सारी रात लिखते हैं
उस नक़ाव में हमको,दो चिराग़ दिखते हैं
तुझको अंदाज़ा भी नहीं होगा,के मेरे बगैर
तेरे पास बैठे लोग,कितने ख़राब दिखते हैं
Enjoy Every Movement of life!
हम रोशनी में बैठकर,सारी रात लिखते हैं
उस नक़ाव में हमको,दो चिराग़ दिखते हैं
तुझको अंदाज़ा भी नहीं होगा,के मेरे बगैर
तेरे पास बैठे लोग,कितने ख़राब दिखते हैं
Ik tarfi hi sahi mohobbat zari rahegi
Harenge nahi hum bazi hmari rahegi
Ladenge bidhenge girenge fir sikh bhi jayenge
Tujhse to haar kar bhi hum hi jeet jayenge ❤️
इक तर्फी ही सही मोहोब्बत जारी रहेगी
हारेगें नही हम बाजी हमारी रहेगी
लड़ेगे बिडेगे गिरेंगे फिर सीख भी जाएंगे
तुझसे तो हार कर भी हम ही जीत जाएंगे ❤️
