हम रोशनी में बैठकर,सारी रात लिखते हैं
उस नक़ाव में हमको,दो चिराग़ दिखते हैं
तुझको अंदाज़ा भी नहीं होगा,के मेरे बगैर
तेरे पास बैठे लोग,कितने ख़राब दिखते हैं
Enjoy Every Movement of life!
हम रोशनी में बैठकर,सारी रात लिखते हैं
उस नक़ाव में हमको,दो चिराग़ दिखते हैं
तुझको अंदाज़ा भी नहीं होगा,के मेरे बगैर
तेरे पास बैठे लोग,कितने ख़राब दिखते हैं
Sapne toh yu bahut haseen hote hai, Magar sapno se pyar nahi karte,
Tumhe chahte toh hum aaj bhi hai, Sirf izhaar nahi karte!!!
वो कहते हैं कि हम बदल गए
कोई उन्हें बताओ,सब आपकी मेहरबानी है|
जब हमें जरूरत थी तब आपने हमें अकेलापन दे दिया||
हमनें आपकी राह पर घंटो नजर टिकाई है|
पर आज शुक्रीया है आपका आपने हमें अपने और परायों का फक्र दिखा दिया||