हम रोशनी में बैठकर,सारी रात लिखते हैं
उस नक़ाव में हमको,दो चिराग़ दिखते हैं
तुझको अंदाज़ा भी नहीं होगा,के मेरे बगैर
तेरे पास बैठे लोग,कितने ख़राब दिखते हैं
हम रोशनी में बैठकर,सारी रात लिखते हैं
उस नक़ाव में हमको,दो चिराग़ दिखते हैं
तुझको अंदाज़ा भी नहीं होगा,के मेरे बगैर
तेरे पास बैठे लोग,कितने ख़राब दिखते हैं
हर जंग ज़िंदगी की हमने खुद को मिटाकर लड़ी है,
हर बार हार को हँस कर गले लगाया है,
कभी परायों ने ज़ख़्म दिए, कभी अपनों ने रुलाया है,
क्या बताएँ आपको — हमने इस सफर में खुद को कितना खोया है।
हर बार हार को हँस कर गले लगाया है,
कभी परायों ने ज़ख़्म दिए, कभी अपनों ने रुलाया है,
क्या बताएँ आपको — हमने इस सफर में खुद को कितना खोया है।” target=”_blank” rel=”noopener noreferrer nofolllow external”>Translate Facebook Whatsapp
Mohobbat taan dekh sajjna tu sadi
Tere naal gusse vi hoyiye
Taan vi tenu likhna nahi shad de..!!
ਮੋਹੁੱਬਤ ਤਾਂ ਦੇਖ ਸੱਜਣਾ ਤੂੰ ਸਾਡੀ
ਤੇਰੇ ਨਾਲ ਗੁੱਸੇ ਵੀ ਹੋਈਏ
ਤਾਂ ਵੀ ਤੈਨੂੰ ਲਿਖਣਾ ਨਹੀਂ ਛੱਡਦੇ..!!