हम रोशनी में बैठकर,सारी रात लिखते हैं
उस नक़ाव में हमको,दो चिराग़ दिखते हैं
तुझको अंदाज़ा भी नहीं होगा,के मेरे बगैर
तेरे पास बैठे लोग,कितने ख़राब दिखते हैं
हम रोशनी में बैठकर,सारी रात लिखते हैं
उस नक़ाव में हमको,दो चिराग़ दिखते हैं
तुझको अंदाज़ा भी नहीं होगा,के मेरे बगैर
तेरे पास बैठे लोग,कितने ख़राब दिखते हैं
Jionde rahe har ehde-ohde layi
Te aape ton hath dho bethe..!!
Bhajj daurh di es zindagi vich
Sukun kidhre khoh bethe..!!
ਜਿਉਂਦੇ ਰਹੇ ਹਰ ਇਹਦੇ-ਉਹਦੇ ਲਈ
ਤੇ ਆਪੇ ਤੋਂ ਹੱਥ ਧੋ ਬੈਠੇ.!!
ਭੱਜ ਦੌੜ ਦੀ ਇਸ ਜ਼ਿੰਦਗੀ ਵਿੱਚ
ਸੁਕੂਨ ਕਿੱਧਰੇ ਖੋਹ ਬੈਠੇ..!!
hamaaree tadap to kuchh bhee nahin hai hujur,
suna hai ki aapake didaar ke lie to aaina bhee tarasata hai…
हमारी तडप तो कुछ भी नहीं है हुजुर,
सुना है कि आपके दिदार के लिए तो आइना भी तरसता है…