हम रोशनी में बैठकर,सारी रात लिखते हैं
उस नक़ाव में हमको,दो चिराग़ दिखते हैं
तुझको अंदाज़ा भी नहीं होगा,के मेरे बगैर
तेरे पास बैठे लोग,कितने ख़राब दिखते हैं
हम रोशनी में बैठकर,सारी रात लिखते हैं
उस नक़ाव में हमको,दो चिराग़ दिखते हैं
तुझको अंदाज़ा भी नहीं होगा,के मेरे बगैर
तेरे पास बैठे लोग,कितने ख़राब दिखते हैं
Mein alag khayalan di kudi
Mohobbat naal lai ke challa..!!
Kaha ohnu rabb te tu ikk hoye
Ohnu jhuth laggan meriyan gallan..!!
ਮੈਂ ਅਲੱਗ ਖ਼ਿਆਲਾਂ ਦੀ ਕੁੜੀ
ਮੋਹੁੱਬਤ ਨਾਲ ਲੈ ਕੇ ਚੱਲਾਂ..!!
ਕਹਾਂ ਉਹਨੂੰ ਰੱਬ ਤੇ ਤੂੰ ਇੱਕ ਹੋਏ
ਉਹਨੂੰ ਝੂਠ ਲੱਗਣ ਮੇਰੀਆਂ ਗੱਲਾਂ..!!