हम रोशनी में बैठकर,सारी रात लिखते हैं
उस नक़ाव में हमको,दो चिराग़ दिखते हैं
तुझको अंदाज़ा भी नहीं होगा,के मेरे बगैर
तेरे पास बैठे लोग,कितने ख़राब दिखते हैं
Enjoy Every Movement of life!
हम रोशनी में बैठकर,सारी रात लिखते हैं
उस नक़ाव में हमको,दो चिराग़ दिखते हैं
तुझको अंदाज़ा भी नहीं होगा,के मेरे बगैर
तेरे पास बैठे लोग,कितने ख़राब दिखते हैं
दिल के दर्द का एहसास तब हुआ जब हमारी परछाईं भी हमसे रूठ गई,
अँधेरे से लगता था डर और अब इस अँधेरे से जैसे यारी हो गई,
धड़कनों की तड़प अब बन गई है इस दिल की एक लोरी,
अब न किसी खुशी का इंतज़ार है, न कोई उम्मीद, हमें तो दर्द से मोहब्बत हो गई।
अँधेरे से लगता था डर और अब इस अँधेरे से जैसे यारी हो गई,
धड़कनों की तड़प अब बन गई है इस दिल की एक लोरी,
अब न किसी खुशी का इंतज़ार है, न कोई उम्मीद, हमें तो दर्द से मोहब्बत हो गई।
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