ਦਰਦ ਹੰਜੂਆਂ ਦਾ || card hanjhuyan da || sad shayari was last modified: December 27th, 2022 by Manpreet Singh
Enjoy Every Movement of life!
Kambakht yeh aankhe
aansuaa ka wajan nahi uthaa paa rahe hai aur
ye gile takiye roj hi sawere sookh jaate hai
कम्बख्त ये आंखे ,
आंसुओ का वजन नहि उठा पा रहिन हैं! ओर
ये गिले तकिये रोज़ हि सवरे सुख जाते हैं!!
बस आज़ की रात है
जी भरकर देख लो
यह आख़िरी मुलाक़ात है
जी भरकर देख लो
तुम्हारा शहर तो रास्ते में आ गया था
हमें तो किसी और मंज़िल की आस है
जी भरकर देख लो
अच्छा है तुमने हमारी कदर नहीं की
तुम वो जौहरी हो जिसे कौड़ियों की तलाश है
जी भरकर देख लो
मुझे कुछ भी कहना आसान था न
अब कुदरत की लाठी बेआवाज़ है
जी भरकर देख लो!!!
