#अपने हर 😲 #लफ्ज़ में 😁 #कहर ✔ #रखती हूँ, 📝 #शायर हूँ..
💔 #बेवफा का 🔪 #क़त्ल #करने के लिए 💝 #जेब में ✒ #कलम ✔ #रखती हूँ..
#अपने हर 😲 #लफ्ज़ में 😁 #कहर ✔ #रखती हूँ, 📝 #शायर हूँ..
💔 #बेवफा का 🔪 #क़त्ल #करने के लिए 💝 #जेब में ✒ #कलम ✔ #रखती हूँ..
माना तुम्हे हर बार देखता हूं,
हर बार पहली बार देखता हूं,
देखता हूं तुम्हे जब जुल्फें संवरती हो तुम,
उन जुल्फों को आइना बनके हर बार देखता हूं,
आंखो में रातें और सुर्खी में ग़ुलाब जैसे,
मेरे हाथ खाली जाम तुम्हारे होंठो में शराब जैसे,
जैसे हर बार तुम्हारा वो ख़्वाब देखता हूं,
तुम्हारे हाथों में मेरा दिया वो ग़ुलाब देखता हूं,
वक्त हो तो आना कभी इक हसरत बाकी है,
तुम्हे हर बार की तरह पहली बार देखना बाकी है...
Duniyan nu meri haqiqat
bare pata v nai
ilzaam hazaaran ne
te galti ik v nai
ਦੁਨੀਆ ਨੂੰ ਮੇਰੀ ਹਕੀਕਤ
ਬਾਰੇ ਪਤਾ ਵੀ ਨਹੀਂ
ਇਲਜ਼ਾਮ ਹਜ਼ਾਰਾਂ ਨੇ
ਤੇ ਗਲਤੀ ਇਕ ਵੀ ਨਹੀਂ