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अकेले चले जाते हो || Hindi Love poem – Shayari

अकेले चले जाते हो
बताते भी नहीं हो

बातें दिल में रखते हो
सुनाते भी नहीं हो

अपने राज छुपाए रखते हो
हमारे जान लेते हो

भीड़ में होकर भी
लापता से रहते हो

जो सवाल पूछो तो
नजरे चुराते हो

स्टेटस भी देखते हो
और देखकार मुस्कुरा भी देते

जाने किस रोज को रुके हो
फोन लगाते भी नहीं हो

हमारा दर्द भी समझते हो
फिर भी नसमझ सा बनते हो

कभी बहुत अपनापन जताते हो
और कभी पराए हो जाते हो

बाला की ख़ूबसूरत हो
पर इतराते नहीं हो

वैसे तो हर लिबास में हसीन हो
पर पीली कुर्ती में बिजलियाँ गिराते हो

मशहूर होकर भी गुमनाम सा रहते हो
ताजगी सुबह की हैं पर मस्तानी शाम सा रहते हो

बांधते हो और फिर खोल देते हो
इन जुल्फों से बड़ा खेलते हो

चेहरे की किताब के अक्षरों में उलझाते हो
अब बोल भी दो दिल की बात क्यों हमारे जख्मों को सहलाते हो

मैं तो सामने से नहीं बोल पाऊंगा
डरता हूं तुम्हारी ना हुई तो नहीं झेल पाऊंगा

अब तुम भी तो कभी कुछ इशारों को समझो
किसी चंचल नांव की तरह लहरें से उलझो

अब जब कभी तुमसे अगली मुलाकात हो
इधर-उधर की नहीं सीधे मुद्दे की बात हो

फिर जो भी फैसला आए हमें मंजुर हो
इकरार हो या ना हो पर अब इजहार तो जरूर हो।

इजहार तो जरूर हो।
इजहार तो जरूर हो।

Title: अकेले चले जाते हो || Hindi Love poem – Shayari

Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status


Tenu kade vi ron na den || Punjabi true line shayari || Punjabi status

Best Punjabi shayari || Punjabi status || Gama tereyan naal jholi bhar lai jaan
Par teri akhon hnjhu aun na den..!!
Kadar howe je ohna sache pyar di
Oh tenu kade vi ron na den..!!
Gama tereyan naal jholi bhar lai jaan
Par teri akhon hnjhu aun na den..!!
Kadar howe je ohna sache pyar di
Oh tenu kade vi ron na den..!!

Title: Tenu kade vi ron na den || Punjabi true line shayari || Punjabi status


Anikha kisa || punjabi kavita

ਕਿ ਕਹਿਣੇ ਕਿਸਮਤ ਦੇ
ਸੁਣਨ ਨੂੰ ਹੁੰਦਾ ਵੱਕਤ ਕੋਲ ਮੇਰੇ
ਸਭਨਾ ਦੇ ਦੁੱਖ ਮਿਟਾਉਣ ਵਾਸਤੇ
ਸਾਡੀ ਵਾਰੀ ਮਿਆਦ ਮੁਕਾ ਜਾਂਦਾ ਵੱਕਤ ਏ

ਬੰਦ ਕਮਰੇ ਵਿੱਚ ਕਿ ਕਰਦਾ
ਬੋਲਕੇ ਸੀਸ਼ੇ ਅੱਗੇ ਕਿ ਕਹਿਣਾ ਚਾਉਣਾ
ਹੈ ਹਿਮਤ ਜੇ ਆ ਸਾਹਮਣੇਂ
ਪੇਸ਼ ਕਰਦੇ ਤੂੰ ਵਿਚਾਰ ਆਵਦੇ

ਲੰਘਿਆ ਵੇਲਾ ਹੱਥ ਨ੍ਹੀਂ ਆਉਂਦਾ
ਬਾਲਾ ਗਿਆਨ ਵੀ ਨੀ ਰੱਖਦਾ
ਗੁਜ਼ਰ ਗਏ ਬੱਦਲ ਨੇ
ਗੁਵਾ ਨਾ ਲਵੀ ਪਹਿਚਾਣ ਪਹਿਲਾ ਪ੍ਰਾਪਤ ਤਾਂ ਕਰਲੀਏ

ਸ਼ਹਿਰ ਪੱਥਰਾਂ ਦੇ
ਲੋਕ ਗਿਰਗਟ ਵਰਗੇ ਰਹਿੰਦੇ
ਬੜੀ ਛੇਤੀ ਬਦਲ ਜਾਣ
ਕੀ ਖੱਟਦੇ ਖੌਰੇ ਚਲਾਕ ਬਣਕੇ

✍️ ਮਹਿਤਾ

Title: Anikha kisa || punjabi kavita