*लखनऊ* की शाम थी, पर *तन्हा* थे हम ।
*मुमकिन* होता तुम मेरे होते तो *साथ* होते हम ।।
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Enjoy Every Movement of life!
*लखनऊ* की शाम थी, पर *तन्हा* थे हम ।
*मुमकिन* होता तुम मेरे होते तो *साथ* होते हम ।।
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तुझे दिल ने इस कदर चाहा है कि,
अब तो सांस भी तेरे नाम से चल रही हैं,
ये नज़रे तेरे दीदार से खुल रही हैं,
तेरे हाथों की नर्मी से मेरे चेहरे पर खुशी दमक रही है,
तेरी बातों से मेरे लब खिल रहे हैं,
मेरा मुझ में कुछ बचा ही नहीं,
अब तो मेरी जिंदगी तेरी जिंदगी से चल रही है।।
गलतियां हमारी सारी माफ़ किया करो,
रूठने से अच्छा है हमें डांट लिया करो।
Galtiyaa hamari saari saaf kiya karo
roothne se aschaa hai hame daant liya karo