*लखनऊ* की शाम थी, पर *तन्हा* थे हम ।
*मुमकिन* होता तुम मेरे होते तो *साथ* होते हम ।।
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Enjoy Every Movement of life!
*लखनऊ* की शाम थी, पर *तन्हा* थे हम ।
*मुमकिन* होता तुम मेरे होते तो *साथ* होते हम ।।
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उसने छोड़ा और यूं छोड़ा अब मिलते नही है हम
तेरे बाद तेरे बारे में लिखते नही है हम
महफिलों में बैठ कर राज खोले होगे हमने
पर आज कल किसी दूसरे को दिखते नही है हम
ajh kal dorriyaa ki wadh gaiyiaa saade vich
sadde haase v khamosh hunde jaa rahe ne
ਅੱਜ-ਕੱਲ੍ਹ ਦੂਰੀਆਂ ਕਿ ਵੱਧ ਗਈਆਂ ਸਾਡੇ ਵਿੱਚ,
ਸਾਡੇ ਹਾਸੇ ਵੀ ਖਾਮੋਸ਼ ਹੁੰਦੇ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ।💯