*लखनऊ* की शाम थी, पर *तन्हा* थे हम ।
*मुमकिन* होता तुम मेरे होते तो *साथ* होते हम ।।
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Enjoy Every Movement of life!
*लखनऊ* की शाम थी, पर *तन्हा* थे हम ।
*मुमकिन* होता तुम मेरे होते तो *साथ* होते हम ।।
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Mujhe nhi aati udti patango si chalakiyan..
Gale mil kar gala kaatu…vo manjha nhi hu mein…!!💯🙌
मुझे नहीं आती है उड़ती पतंगों सी चालाकियाँ..
गले मिलकर गला काटूँ….वो मांझा नहीं हूँ मैं…!!💯🙌