*लखनऊ* की शाम थी, पर *तन्हा* थे हम ।
*मुमकिन* होता तुम मेरे होते तो *साथ* होते हम ।।
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Enjoy Every Movement of life!
*लखनऊ* की शाम थी, पर *तन्हा* थे हम ।
*मुमकिन* होता तुम मेरे होते तो *साथ* होते हम ।।
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Ankhein hasti hai, magar dil ye rota hai
Jise hum apni manzil samjhe hain
Uska humsafar koi aur hi hota hai💔
आँखे हँसती हैं, मग़र दिल ये रोता है,
जिसे हम अपनी मंजिल समझे हैं,
उसका हमसफ़र कोई और ही होता है।💔
