*लखनऊ* की शाम थी, पर *तन्हा* थे हम ।
*मुमकिन* होता तुम मेरे होते तो *साथ* होते हम ।।
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Enjoy Every Movement of life!
*लखनऊ* की शाम थी, पर *तन्हा* थे हम ।
*मुमकिन* होता तुम मेरे होते तो *साथ* होते हम ।।
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लफ्ज़ दर लफ्ज़ बढ़ती गई
चाहत कुछ लिखने की,
ज़हन के खाली पन्नों में कोई मुद्दतों से नहीं उतरा...
Vo jiske bina 🥺 ek din nhi guzrta tha na yaaro
Ab se uske bagair poori zindagi guzarni hai 🥺
वो जिसके बिना 🥺 एक दिन नही गुजरता था ना यारों
अब से उसके बगैर पूरी जिन्दगी गुजारनी है 🥺