ये मेरी जिंदगी एक बेजान सी हो गयी है
बस अब साँसों का रुकना बाकी है
yeh meri zindagi ek bejaan si ho gai hai
bas abh saanso ka rukna baaki hai
ये मेरी जिंदगी एक बेजान सी हो गयी है
बस अब साँसों का रुकना बाकी है
yeh meri zindagi ek bejaan si ho gai hai
bas abh saanso ka rukna baaki hai
Teri akh rowegi bekadra
Te hasse kite khoh Jane ne..!!
Tenu kadran udo hi painiyan ne
Jadon door sajjan ho Jane ne..!!
ਤੇਰੀ ਅੱਖ ਰੋਵੇਗੀ ਬੇਕਦਰਾ
ਤੇ ਹਾਸੇ ਦੇਖੀਂ ਖੋਹ ਜਾਣੇ ਨੇ..!!
ਤੈਨੂੰ ਕਦਰਾਂ ਉਦੋਂ ਹੀ ਪੈਣੀਆਂ ਨੇ
ਜਦੋਂ ਦੂਰ ਸੱਜਣ ਹੋ ਜਾਣੇ ਨੇ..!!
चाल अभी धीमी है,
पर कदम जाएंगे मंजिल तक जरूर।
हालात अभी उलझे हैं,
पर बदलेंगे मौसम,बिखरेगा हरसू नूर।
हौसलों की कमी नहीं,
क़्त भले ना हो ज्यादा।
शह मात की खेल है जिंदगी,
मंजिल को पाने की, हम रखते हैं माआदा।
पलकें मूंद जाती हैं झंझावतों से,
रास्ते छुप जाते हैं काले बदली की छाँव में।
गुजरना ही होगा अंधियारे सूने गलियारों से,
आशियाना हो चाहे गांव या शहर में।
लक्ष्य जो बुन लिया है विश्वास के तागों से,
अब रुकना नहीं, न झुकना कहीं तुम सफर में ।
डगर ने चुन लिया है तुम्हें साहस के पदचिन्हों से,
धैर्य,सहनशीलता और जीत, होंगे सहचर तुम्हारे सहर में।।
तरुण चौधरी