“Chaan jeha mukh
Te utho suit laal c..
Assi ta payar v ode naal kita
Jide 36 yaar c.”
“Chaan jeha mukh
Te utho suit laal c..
Assi ta payar v ode naal kita
Jide 36 yaar c.”
तिश्नगी थी मुलाक़ात की,
उस से हाँ मैंने फिर बात की।
दुश्मनी मेरी अब मौत से,
ज़िंदगी हाथ पे हाथ की।
सादगी उसकी देखा हूँ मैं,
हाँ वो लड़की है देहात की।
तुमने वादा किया था कभी,
याद है बात वो रात की।
अब मैं कैसे कहूँ इश्क़ इसे,
बात जब आ गई ज़ात की।
मुझसे क्या दुश्मनी ऐ घटा,
क्यों मेरे घर पे बरसात की।
हमको मालिक ने जितना दिया,
सब ग़रीबों में ख़ैरात की।
तू कभी मिल तो मालूम हो,
क्या है औक़ात औक़ात की।
अब जिंदगी के उस मोड पर खड़े है हम,
ना किसी के आने की खुशी है, ना ही किसी के जाने का ग़म।
Ab zindagi ke us mod par khade hai hum
Naa kisi ke aane ki khushi hai, aur naa hi kisi ke jaane ka gham.