Mennu chahidi ni oo
Oo hassdi rve enna kaafi hai
Mennu chahidi ni oo
Oo hassdi rve enna kaafi hai
खत्म कर चुका खुद को अंदर से
बस बाहर से जालना बाकी है
भीड़ लगी है मजार पर गैरो की ,
बस अपनों का आना बाकी है
जीते जी सबको हसाया बहोत है ,
बस जाते – जाते सबको रुलाया बाकी है ।
याद करके उसे ,रोये बहोत है
जाते जाते उसे रुलाना बाकी है
खवाब देखे थे साथ के उसके कुछ
जाते हुये उन्हे दफनाना बाकी है ।
यू ना रुखसत करो विरानियत से
अभी मेरी अर्थी को सजाना बाकी है ,
यू तो गुजरा हु बहोत बार अंधेरों से
बीएस आखिरी दफा दिल्ल को जलाना बाकी है ।
Waqt badhaa baimaan hai
khushi wele do pal da
te gam wele mukda hi nahi
ਵਕਤ ⏱️ ਬੜਾ ਬੇਈਮਾਨ ਹੈ
ਖੁਸ਼ੀ 😊 ਵੇਲੇ ਦੋ ਪਲ ਦਾ
ਤੇ ਗ਼ਮ 😭 ਵੇਲੇ ਮੁੱਕਦਾ ਹੀ ਨਹੀ..