वक़्त तो अब लफ़्ज़ों में दिया जाता है,
रूबरू तो महज दिखावा किया जाता है
waqt to ab lafzo me diya jaata hai
roobroo to meha dikhawa kiya jaata hai
वक़्त तो अब लफ़्ज़ों में दिया जाता है,
रूबरू तो महज दिखावा किया जाता है
waqt to ab lafzo me diya jaata hai
roobroo to meha dikhawa kiya jaata hai
ithe lok nibhaunde bahut ghat ne
ajmaa ke vekh chadd jande ne saare
yaariyaa pyaar dhokha ki hunda
la taa lainde aa hashar jande hoye v saare
ਇਥੇ ਲੋਕ ਨਿਭਾਉਂਦੇ ਬਹੁਤ ਘੱਟ ਨੇ
ਅਜ਼ਮਾ ਕੇ ਵੇਖ ਛੱਡ ਜਾਂਦੇ ਨੇ ਸਾਰੇ
ਯਾਰੀਆਂ ਪਿਆਰ ਧੋਖਾ ਕੀ ਹੁੰਦਾ
ਲਾ ਤਾਂ ਲੈਂਦੇ ਆ ਹਸ਼ਰ ਜਾਣਦੇ ਹੋਏ ਵੀ ਸਾਰੇ
—ਗੁਰੂ ਗਾਬਾ
मोहब्बत है कोई लगाव नहीं,
मोहब्बत है कोई लगाव नहीं,
कांटो भरी रह है कोई फुलो की चादर नहीं,
अगर हंस के गुजर दिए हर लम्हे तो,
अगर हंस के गुजर दिए हर लम्हे तो,
वो मोहब्बत कैसी,
क्या मोहब्बत तो तुम्हें रोना भी सिखाती है…