Chehra pawe kyo na kala howe🙄😏
Pr kosis kri dilla kde dil na kala howe…💯✅
ਚੇਹਰਾ ਪਾਵੇ ਕ੍ਯੋ ਨਾ ਕਾਲਾ ਹੋਵੇ 😏🙄
ਪਰ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰੀ ਕਦੇ ਦਿਲ ❤️ ਨਾ ਕਾਲਾ ਹੋਵੇ..💯✅
~~~~ Plbwala®️✓✓✓✓
Chehra pawe kyo na kala howe🙄😏
Pr kosis kri dilla kde dil na kala howe…💯✅
ਚੇਹਰਾ ਪਾਵੇ ਕ੍ਯੋ ਨਾ ਕਾਲਾ ਹੋਵੇ 😏🙄
ਪਰ ਕੋਸ਼ਿਸ਼ ਕਰੀ ਕਦੇ ਦਿਲ ❤️ ਨਾ ਕਾਲਾ ਹੋਵੇ..💯✅
~~~~ Plbwala®️✓✓✓✓
Mohobbat jakdeya e dil nu
Par duniya layi koi rog eh..!!
Jo vichde lekhe ron ohna
Jinni mileya dhuron sanjog eh..!!
ਮੋਹੁੱਬਤ ਜਕੜਿਆ ਏ ਦਿਲ ਨੂੰ
ਪਰ ਦੁਨੀਆਂ ਲਈ ਕੋਈ ਰੋਗ ਇਹ.!!
ਜੋ ਵਿੱਛੜੇ ਲੇਖੇ ਰੋਣ ਉਹਨਾਂ
ਜਿੰਨੀ ਮਿਲਿਆ ਧੁਰੋਂ ਸੰਜੋਗ ਇਹ..!!
बादशाह अकबर की यह आदत थी कि वह अपने दरबारियों से तरह-तरह के प्रश्न किया करते थे। एक दिन बादशाह ने दरबारियों से प्रश्न किया, “अगर सबकी दाढी में आग लग जाए, जिसमें मैं भी शामिल हूं तो पहले आप किसकी दाढी की आग बुझायेंगे?”
“हुजूर की दाढी की” सभी सभासद एक साथ बोल पड़े।
मगर बीरबल ने कहा – “हुजूर, सबसे पहले मैं अपनी दाढी की आग बुझाऊंगा, फिर किसी और की दाढी की ओर देखूंगा।”
बीरबल के उत्तर से बादशाह बहुत खुश हुए और बोले- “मुझे खुश करने के उद्देश्य से आप सब लोग झूठ बोल रहे थे। सच बात तो यह है कि हर आदमी पहले अपने बारे में सोचता है।”