Enjoy Every Movement of life!
तुम पूछते थे न किअगर यूँ होता तो क्या होतासुन ले- ऐ ग़ालिब,आज तू होता तो बहुत रोताबड़े महलों के सामनेइंसानी वजूद भी पड़ गया छोटाजहाँ वो अमीर प्लेट फेकतावहीं मैं गरीब भूखा सोता
Ye bhi ik umar ke baad pata chala mujhe
Khudko janne wale zameen par nhi rehte…🙌
ये भी इक उम्र के बाद पता चला मुझे,
खुदको जानने वाले जमीं पर नहीं रहते…🙌
