जिन्हें मोहब्बत थी मेरी मुस्कानों से
वे आज मेरा जिस्म चाहने लगे हैं
जो चाहते थे मैं हमेशा मुस्कुराऊं
वे आज मेरी मुस्कान ही छीनने लगे हैं
जिन्हें मोहब्बत थी मेरी मुस्कानों से
वे आज मेरा जिस्म चाहने लगे हैं
जो चाहते थे मैं हमेशा मुस्कुराऊं
वे आज मेरी मुस्कान ही छीनने लगे हैं
कल एक झलक ज़िंदगी को देखा,
वो राहों पे मेरी गुनगुना रही थी,
फिर ढूँढा उसे इधर उधर
वो आँख मिचौली कर मुस्कुरा रही थी,
एक अरसे के बाद आया मुझे क़रार,
वो सहला के मुझे सुला रही थी
हम दोनों क्यूँ ख़फ़ा हैं एक दूसरे से
मैं उसे और वो मुझे समझा रही थी,
मैंने पूछ लिया- क्यों इतना दर्द दिया
कमबख्त तूने,
वो हँसी और बोली- मैं जिंदगी हूँ पगले
तुझे जीना सिखा रही थी।
Milap tere naal jiwe rooh da rooh naal
Nedta tere naal jiwe hathan di shooh naal..!!
ਮਿਲਾਪ ਤੇਰੇ ਨਾਲ ਜਿਵੇਂ ਰੂਹ ਦਾ ਰੂਹ ਨਾਲ
ਨੇੜਤਾ ਤੇਰੇ ਨਾਲ ਜਿਵੇਂ ਹੱਥਾਂ ਦੀ ਛੂਹ ਨਾਲ..!!