Best Punjabi - Hindi Love Poems, Sad Poems, Shayari and English Status
Fir bhi kareeb raho
इश्क़ है …न चाह है तुझे पाने की,
फिर भी करीब रहो ये अच्छा लगता है,,
ख्वाब है न हकीकत है.. दरमियाँ अपने
फिर भी तुम्हें सोचना अच्छा लगता है,,
दूर हो न करीब ही हो मेरे “जाना”
फिर भी तू हमकदम हो अच्छा लगता है,,
पराया है न अपना ही है तू मेरा
फिर भी तेरा साथ अच्छा लगता है।।🌻🌻
Title: Fir bhi kareeb raho
Sabh beh jayenge || akbar beerbal kahani
बादशाह अकबर और बीरबल शिकार पर गए हुए थे। उनके साथ कुछ सैनिक तथा सेवक भी थे। शिकार से लौटते समय एक गांव से गुजरते हुए बादशाह अकबर ने उस गांव के बारे में जानने की जिज्ञासा हुई। उन्होंने इस बारे में बीरबल से कहा तो उसने जवाब दिया—”हुजूर, मैं तो इस गांव के बारे में कुछ नहीं जानता, किंतु इसी गांव के किसी बाशिन्दे से पूछकर बताता हूं।”
बीरबल ने एक आदमी को बुलाकर पूछा—”क्यों भई, इस गांव में सब ठीक-ठाक तो है न?”
उस आदमी ने बादशाह को पहचान लिया और बोला—”हुजूर आपके राज में कोई कमी कैसे हो सकती है।”
“तुम्हारा नाम क्या है?” बादशाह ने पूछा।
“गंगा”
“तुम्हारे पिता का नाम?”
“जमुना”
“और मां का नाम सरस्वती है?”
“हुजूर, नर्मदा।”
यह सुनकर बीरबल ने चुटकी ली और बोला—”हुजूर तुरन्त पीछे हट जाइए। यदि आपके पास नाव हो तभी आगे बढ़ें वरना नदियों के इस गांव में तो डूब जाने का खतरा है।”
यह सुनकर बादशाह अकबर हंसे बगैर न रह सके।




