रात को रात, सुबह को सुबह लिखते हो
अच्छे को अच्छा बुरे को,बुरा लिखते हो
तुम्हें तो आदत है,दर्द को दर्द लिखने की
मतलब हम से बिल्कुल,जुदा लिखते हो
खुदा को तो, कभी लिखा ही नहीं तुमने
पत्थर को बना के मूरत,खुदा लिखते हो
तुम तो दुश्मनी में भी, करते हो व्यापार
बनकर हक़िम,ज़हर की दवा लिखते हो
बो तो लिख देता है,बेवफ़ाई को मज़बूरी
भैरव क्यूं बेवफ़ा को, बेवफ़ा लिखते हो
इस जीवन की राहों में, दर्द और खुशी की बातें, सपनों की रौशनी में, हम सबकी आस्था है।
सूरज की किरनों में, खुशियों का सफर है, मन की गहराइयों में, सपनों का नजरिया है।
चाँद की रातों में, ख्वाबों की धड़कन है, जीवन के उत्सव में, हर दिन का मौका है।
प्यार की बातों में, दिल की धड़कन होती है, खुशियों की मिठास में, जीवन का सौभाग्य है।
इस प्रेम और सौंदर्य का, हम सबको अभिवादन है, हिन्दी कविता के रूप में, ये शब्द हमारा सन्देश है।