सादगी हमारी हमसे है,
हम क्यूं बदल जाएं हजारों का रुख़ देखकर...
बदलने वाले किसी के अपने नहीं होते,
वो तो यूं ही बदल जाते हैं
नजारों का रुख़ देखकर...
Enjoy Every Movement of life!
सादगी हमारी हमसे है,
हम क्यूं बदल जाएं हजारों का रुख़ देखकर...
बदलने वाले किसी के अपने नहीं होते,
वो तो यूं ही बदल जाते हैं
नजारों का रुख़ देखकर...

Nigaahe nichi aur sar jhukaye baithi hai
nigahe nichi aur sar jhukaye baithi hai
ek ladhki hai mera dil churaye baithi hai
निगाहें नीची और सर झुकाए बैठी है
निगाहें नीची और सर झुकाए बैठी है
एक लड़की है जो मेरा दिल चुराए बैठी है ❤️❤️❤️